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कलेक्टर का फोन नहीं रिसीव किया डॉक्टरों ने, नाराज अधिकारी ने फिर ऐसे सिखाया सबक

By Dakshi Sahu

Sep, 12 2018 02:40:09 (IST)

दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। दो अस्पताल के प्रभारी डॉक्टरों ने कलेक्टर का फोन रिसीव नहीं किया।

दुर्ग. डेंगू कहर बरपा रहा है। डेंगू पर नियंत्रण के लगातार उपाय किए जा रहे हैं। कलेक्टर उमेश अग्रवाल खुद मानीटिरिंग कर रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सोमवार को इसी वजह से दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। दो अस्पताल के प्रभारी डॉक्टरों ने कलेक्टर का फोन रिसीव नहीं किया।

तत्काल नोटिस जारी किया
कॉलबैक भी नहीं किया। इससे नाराज कलेक्टर शाम को करीब ६ बजे सीधे सीएचएमओ ऑफिस पहुंच गए। कलेक्टर ने डॉक्टरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने कहा कि जरुरत के समय अगर फोन नहीं उठाया तो किस काम का। मरीजों के साथ कैसा बर्ताव करते हो पता चलता है। कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ने स्पर्श अस्पताल के प्रभारी डॉ.आशीष शर्मा और बीएम शाह अस्पताल के प्रभारी डॉ. डीके साहू को तत्काल नोटिस जारी किया।

फोन रिसीव नहीं किया
कलेक्टर उमेश अग्रवाल शाम 5.30 बजे अस्पतालों का रिपोर्ट ले रहे थे। वे खुद हर अस्पताल के प्रभारी से मोबाइल से फोन करके बात कर रहे थे। जब दोनों अस्पताल के प्रभारी डॉक्टरों को फोन किया तो रिसिव नहीं किया। कलेक्टर नाराज हो गए और सीधे सीएमएचओ कार्यालय पहुंच गए।

30 हजार रैपिट किट का भेजा था डिमांड
स्वास्थ्य विभाग ने चार दिन पहले सीजीएमएसी को 30 हजार डेंगू रैपिट किट उपलब्ध कराने के लिए डिमांड लेटर भेजा था। सोमवार की देर रात सीजीएमएसी ने केवल 10 हजार किट की व्यवस्था की। उल्लेखनीय है कि सभी बुखार पीडि़तों का डेंगू रैपिट किट से जांच की जा रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10 हजार किट 12 दिन में खत्म हो जाएगा। अब तक 28 हजार कीट से मरीजों की जांच की जा चुकी है।

डॉ. मंडल की रिपोर्ट निगेटिव
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी इन दिनों अस्वस्थ हैं। उन्हें लगातार बुखार आ रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के कारण डेंगू की चपेट में आने की आशंका थी। दो दिन पहले उनका ब्लड सैंपल रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजी थी। कलेक्टर के निर्देश पर दो डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। लिखित में जवाब मांगा गया है। संभावित मरीजों के परीक्षण के लिए 30 हजार किट की डिमांड की गई थी। अभी 10 हजार किट मिला है।