यूआईटी ने भी माना...स्कीम नंबर 13 की योजना बाधित होने से सक्रिय हो रहा भूमाफिया गिरोह

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Updated: 26 Feb 2021, 12:23 PM IST

-अब स्कीम की प्रक्रिया को दी जाएगी रफ्तार, सचिव नीलिमा तक्षक ने अधिकारियों की ली बैठक

भरतपुर. संभाग की सबसे बड़ी आवासीय योजना स्कीम नंबर 13 का मामला पिछले लंबे समय से कागजों में ही चल रहा है। कभी एनओसी की अड़चन तो कभी विवाद के कारण यह मामला बाधित हो रहा है। अब नगर सुधार न्यास की सचिव नीलिमा तक्षक ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक लेकर योजना को प्रगति दिए जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सामने आया कि योजना संख्या 13 में किसानों से भूमि वर्ष 2013 में अवाप्त की गई थी। अवाप्ति के बाद उक्त भूमि किसानों की ओर से न तो कृषि उपयोग में ली गई न किसानों को मुआवजा ही प्राप्त हुआ। इसके कारण न्यास की छवि आमजन में धूमिल हो रही है। न्याय को राजस्व की हानि हो रही है। योजना के समय पर क्रियान्वयन नहीं होने के कारण शहर में भू-माफियाओं को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही अनियमित एवं अनियोजित विकास बढ़ रहा है। किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिलने व कृषि कार्य से वंचित होने के कारण न्यास कार्यालय में आए दिन धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। योजना में वर्ष 2013 में अवाप्ति के बाद ले-आउट प्लान वर्ष 2018 में संशोधित होकर अनुमोदित किया गया। इसमें लॉटरी से भूखंड आवंटन के लिए भी आवेदन पत्र लिए गए। योजना की वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से वर्ष 2017 में अनापत्ति प्रमाण भी प्राप्त हो चुकी थी, लेकिन योजना का कुछ भाग एनबीडब्ल्यूएल ईको सेंसेटिव जोन में आने से इसकी अनुमति के लिए प्रकरण विचाराधीन है। चूंकि यह जोन 500 मीटर परिधि का नोटिफिकेशन वर्ष 2019 में जारी हुआ है। ले आउट प्लान पूर्व का अनुमोदित है, जो कि अनौपचारिक रूप से योजना क्षेत्र पर प्रभावित नहीं होना चाहिए। गजट नोटिफिकेशन के अनुसार ईको सेंसेटिव जोन क्षेत्र 500 मीटर को छोड़कर शेष भूमि के योजना क्षेत्र की क्रियान्विती किए जाने के संबंध में जयपुर में बैठक में चर्चा के अनुसार प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग की सहमति पर न्याय मंडल में रखकर निर्णय लिया गया है।

योजना को लेकर अब यह लिया निर्णय

आवासीय योजना संख्या 13 वर्ष 2013 में ही अवाप्त की जा चुकी है। इसलिए योजना में विकल्प पत्र प्राप्त किए जाएं। खातेदारों से एक मार्च से 31 मार्च तक विकल्प पत्र प्राप्त किए जाएंगे। विकल्प पत्र प्राप्त होने तथा पूर्व में प्राप्त विकल्प पत्रों को समाहित करते हुए आरक्षण पत्र जारी करने का कार्य एक अप्रेल से 30 अप्रेल तक करने की कार्यवाही की जाएगी। 12 हेक्टेयर क्षेत्र जो कि ईएसजैड से प्रभावित है उसको छोड़ते हुए शेष क्षेत्र में आरक्षण पत्र संबंधी कार्यवाही की जाए।