साहब...अतिक्रमणकारी एडीएम मैडम का रिश्तेदार...इसलिए अफसर शांत

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Updated: 24 Feb 2021, 01:08 PM IST

-संभागीय आयुक्त प्रेमचंद बेरवाल की जनसुनवाई में आया रोचक परिवाद, परिवादी महिला ने कहा कि एडीएम प्रशासन को अतिक्रमणकारी बता रहा अपनी साली, जनसुनवाई का समय था 12 बजे और शुरू हुई दो बजे
-एडीएम प्रशासन ने भी एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई करने को कहा

भरतपुर. संभागीय आयुक्त प्रेमचंद बेरवाल की मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई जनसुनवाई में आश्चर्यचकित करने वाला मामला सामने आया। गांव बरौलीछार से आई महिला ललितेश कुमारी ने सभी अधिकारियों के सामने कहा कि साहब हमारे रास्ते पर पड़ोसी अर्जुन कोली ने अतिक्रमण कर रखा है। वह कहता है कि एडीएम बीना महावर उनकी साली है। इसलिए कोई भी अतिक्रमण नहीं हटवा सकता है। मौके पर ही बैठी एडीएम प्रशासन बीना महावर ने कहा कि ऐसे किसी भी अधिकारी का नाम लेना गलत है। एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
संभागीय आयुक्त बेरवाल ने जनसुनवाई के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राजस्थान सम्पर्क पोर्टल एवं 181 पर दर्ज प्रकरणों को निर्धारित समयावधि में निस्तारित करें। जनसुनवाई के दौरान पंचायत समिति कुम्हेर के ग्राम पला निवासी गौरीशंकर की ओर से ओलावृष्टि में हुए फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग पर संभागीय आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम उवार निवासी घनश्याम मीना ने ग्राम में बंद पड़े आरओ एवं टंकी में पानी नहीं होने की शिकायत की। पंचायत समिति नदबई निवासी अंजलि कुमारी ने गार्गी पुरस्कार की राशि नहीं मिलने की शिकायत पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की। भरतपुर के ब्रज नगर कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा ने कॉलोनी में अंधेरे से निजात दिलाने के लिए रोड लाइट लगवाने की अर्जी पर सम्भागीय आयुक्त ने नगर निगम आयुक्त को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 57 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें मुख्य बिजली, पानी, सड़क, जलभराव, अतिक्रमण सहित अन्य समस्याओं के प्रकरण प्राप्त हुए। जनसुनवाई में जिला कलक्टर नथमल डिडेल, एडीएम शहर केके गोयल, नगर निगम आयुक्त डॉ. राजेश गोयल, नगर विकास न्यास की सचिव नीलिमा तक्षक आदि उपस्थित थे।

दो घंटे तक परिवादी करते रहे जनसुनवाई का इंतजार

अपनी समस्याओं को लेकर आए परिवादियों को ही करीब दो घंटे तक इंतजार कर परेशान होना पड़ा। क्योंकि संभागीय आयुक्त की जनसुनवाई का समय दोपहर 12 बजे निर्धारित किया गया था। ऐसे में परिवादी समय पर ही आ गए, लेकिन अधिकारी कलक्ट्रेट सभागार में ही बैठक करते रहे। करीब दो घंटे का समय गुजरने के बाद दोपहर दो बजे जनसुनवाई शुरू हो सकी।


-भरतपुर मेरा पैतृक जिला है। इसलिए मेरे मिलने वाले लोग यहां है और मेरा परिचय भी है। जिस गांव से पीडि़ता आई थी, वहां मेरे मिलने वाले भी निश्चित है लेकिन मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि इस विवाद में मेरे परिचित लोगों ने मेरे नाम का दुरुपयोग किया है तो वह बिल्कुल गलत है और इस मामले की संबंधित उपखण्ड अधिकारी से पूरी जांच कराई जाएगी। इससे आगे से कोई भी व्यक्ति सार्वजानिक रूप से किसी अधिकारी का नाम नही ले सके।
बीना महावर
एडीएम प्रशासन


-जनसुनवाई की गयी थी और जहां तक एक एडीएम पर आरोप की बात है तो जिला स्तर के अधिकारी संवेदनशील हैं, जो अपनी मर्यादा व दायित्व का ध्यान रखते हैं फिर भी परिवादी ने जो शिकायत की है उसका काम करा दिया जाएगा।
प्रेमचंद बेरवाल
संभागीय आयुक्त