इंदौर के सफाई मॉडल पर फोकस करेगा निगम, एक्सपर्ट ने दिए शहर को स्वच्छ रखने के सुझाव

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Published: 24 Feb 2021, 01:17 PM IST

-नगर निगम में हुआ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

भरतपुर. नगर निगम की ओर से सफाई के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के प्रयासों के तहत मंगलवार को एक दिवसीय जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के लिए नगर पालिका निगम इंदौर में सफाई प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जावेद वारसी नगर निगम महापौर व आयुक्त के विशेष आमंत्रित करने पर आए। वारसी ने बताया कि नगर निगम इंदौर की लगभग 26 लाख आबादी का शहर है। इसको 85 वार्डों एवं 19 जोनों में बांटा गया है। 500 से अधिक घर-घर कचरा संग्रहण वाहनों से प्रतिदिन शत प्रतिशत सूखा-गीला कचरा अलग-अलग एकत्र कर आधुनिक ट्रांसफर स्टेशन से होते हुए प्रसंस्करण के लिए विभिन्न संयंत्रों तक भेजा जाता है। इससे बायोगैस, खाद व अन्य बायोफ्यूल बनाए जा रहे है। शहर में ठोस-कचरा उत्पन्नकर्ता की ओर से स्वयं के स्तर पर गीले कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। इससे लैंडफिल साइट पर जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम होती है एवं स्थानीय स्तर पर लोगोंकी ओर से कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है। नगर निगम महापौर अभिजीत कुमार ने कहा कि इंदौर शहर से आए विशेषज्ञ का कीमती समय निकालकर नगर निगम भरतपुर पधारने पर स्वागत करते है एवं भरतपुर शहर को स्वच्छ बनाने में ऐसे विशेषज्ञ का नियमित मार्गदर्शन लेते रहेंगे। आगामी वर्षो मेे देश के 50 सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान बनाने के प्रयास किए जाएंगे। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए नगर निगम के उपमहापौर गिरीश चौधरी ने कहा कि इंदौर शहर व अन्य सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले शहरों के स्तर पर पहुंचने के लिए नगर निगम की ओर से अब मिशन मोड में समुचित कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा एवं इस कार्य में विषय विशेषज्ञों की समय-समय पर सहायता ली जाएगी। कार्यशाला में पार्षद सतीश सोगरवाल, मोती सिंह, दीपक मुदगल ने भी विचार रखे। आयुक्त डॉ. राजेश गोयल ने भी आमजन को जागरूक करने की बात कही।