लालू प्रसाद यादव की RJD की बढ़ी मुश्किल, रघुवंश प्रसाद सिंह के बेटे सत्य प्रकाश JDU में शामिल

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Published: 08 Oct 2020, 07:15 PM IST

सत्य प्रकाश सिंह के जदयू में जाने से राजद के वोटों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है (Late Raghuvansh Prasad Singh's Son Satya Prakash Joined JDU) (Bihar News) (Begusarai News) (Patna News) (Bihar Election 2020) (Raghuvansh Prasad Singh) (Satya Prakash Singh)...

बेगूसराय: बिहार में चुनावी माहौल के बीच ही दलबदल का सिलसिला शुरू हो चुका है। कोई नजरअंदाजी, कोई मौके को भुनाने तो कोई निजी नाराजगी के चलते इस दल से उस दल तक का सफर तय कर रहा है। इसी कड़ी में आरजेडी को एक बड़ा झटका लगा है जो जदयू के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। लालू प्रसाद यादव के खास कहे जाने वाले राजद के संस्थापक सदस्यों में से एक दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह के बेटे सत्य प्रकाश सिंह ने जदयू का दामन थाम लिया है। लालू प्रसाद यादव के बाद यदि कार्यकर्ता किसी पर विश्वास करते थे तो वह रघुवंश बाबू थे। अब सत्य प्रकाश सिंह के जदयू में जाने से राजद के वोटों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार सत्य प्रकाश सिंह ने गुरुवार को जदयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की उपस्थिति में जदयू की सदस्यता ली। चर्चा है कि चुनाव में जीत के बाद जदयू ने उन्हें विधान परिषद भेजने का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर सत्यप्रकाश ने कहा कि मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति की रही है, लेकिन एक परिवार से एक ही व्यक्ति राजनीति में होना चाहिए। यही समाजवाद है। पिताजी कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को मानते थे। उन्होंने मरते समय जो पत्र लिखा, उसमें इशारा किया था कि मैं राजनीति में आऊं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में उनकी पार्टी राजद के मेनिफेस्टो में गरीब सवर्ण को 15 प्रतिशत आरक्षण की बात थी लेकिन बिना उनसे विचार विमर्श के उसको बदल दिया गया। बाद में लालू जी से बात करने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस के द्वारा अपनी गलती बताई और कहा कि गरीब सवर्ण आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन राजद के कुछ नेताओं ने और उनके परिवार वालों ने बार बार इसका विरोध किया। इस बात से वे आहत थे और उनको लगने लगा था कि पार्टी में अब मेरी अनदेखी होने लगी है। लालू परिवार के लोगों ने उनकी बातों को नही सुना, यह उनके लिए पीड़दायक था। इस कारण उन्होंने अस्पताल से इस्तीफा दिया क्योंकि पार्टी के सिद्धांतों को दांव पर लगाकर टिकट की खरीद हो रही है व अपराधियों को जगह दी जा रही है।

गौरतलब है कि रघुवंश प्रसाद सिंह और लालू प्रसाद यादव शुरुआती संघर्ष के साथी थे। लालू प्रसाद यादव भी उनसे हर फैसले से पहले विमर्श करना नहीं भूलते थे। लेकिन रघुवंश बाबू को अपने अंतिम समय से पहले ऐसा लगने लगा कि अब राजद में उनकी नजरअंदाजी की जाने लगी है। बाहुबली रामा सिंह के राजद में आने से वह खासे नाराज थे। सत्य प्रकाश सिंह के जदयू में आने की अटकलें पहले से ही लगाई जा रही थी। महनार से बाहुबली रामा सिंह की पत्नी को राजद से टिकट मिलने के बाद आखिरकार सत्यप्रकाश जदयू का हिस्सा बन गए।