नाबालिग से छेड़छाड़, 4 दिन से मामला दर्ज नहीं, दबंगों के डर से पीडि़त परिवार नहीं जा रहा गांव

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Updated: 06 Dec 2019, 11:53 PM IST

rape attempt : पिता ने उलाहना दिया तो दबंगों ने घर में घुसकर पीटा

 

विराटनगर. थाना क्षेत्र के ग्राम तेवड़ी में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने पर टोकने पर दंबगों द्वारा पीडि़त के घर में घुसकर मारपीट करने और मां-बेटी के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास का मामला सामने आया है। पीडि़त का आरोप है कि घटना के बाद जब स्थानीय थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने गया तो पुलिस ने टरका दिया। पीडि़त को एसपी कार्यालय jaipur police से भी महिला पुलिसकर्मी द्वारा स्थानीय थाने में जाने की कह दिया। वहां संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दुबारा थाने में जाने पर भी पुलिस ने सुनवाई नहीं कि, जबकि पुलिस दुबारा थाने नहीं आने की कहकर पल्ला झाड़ रही है। घटना के 5 दिन बाद भी पुलिस ने पीडि़त परिवार की सुध नहीं ली। इससे दबंगों के डर से पीडि़त परिवार खौफ के चलते चार दिन से गांव में नहीं जा रहा है।

पीडि़त तेवड़ी निवासी ने बताया कि 2 दिसंबर को वह काम पर गया हुआ था। उसी दिन दोपहर लगभग 12 बजे उसकी नाबालिग बेटी घर से आटा पिसवाने चक्की पर जा रही थी। कुछ दूरी पर तेवड़ी निवासी ने नाबालिग लड़की को अकेला देख कर पकड़ लिया एवं छेड़छाड़ करने लगा। शोर मचाने पर पत्नी ने भागकर आरोपी से छुड़वाया। शाम को पत्नी ने बताया तो आरोपी को फोन कर बेटी से छेड़छाड़ करने का उलाहना दिया तो रात्रि लगभग 10 बजे आरोपी अपने तीन चार दोस्तों के साथ हथियारों से लैस होकर आया तो पत्नी और बेटी से छेड़छाड़ करते हुए जबरदस्ती दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर मेरी आंख में कांच की बोतल मार दी। घटना के बाद 3 दिसंबर को विराटनगर थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाने गया तो कार्रवाई करने की बात कहकर टरका दिया। वहीं इस मामले में एडिशनल एसपी ज्ञानचंद यादव का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे। गौरतलब है कि हैदराबाद में महिला चिकित्सक व और टोंक में 6 साल की मासूम से ज्यादती के बाद देशभर में आक्रोश है, बावजूद इस प्रकार की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही।


पीडि़त थाने पर आया था। चिकित्सालय में मेडिकल करवाया गया था, जहां चिकित्सकों ने इलाज के लिए अन्यत्र रैफर कर दिया था। पीडि़त इलाज करवाकर आने के बाद रिपोर्ट दर्ज करवाने की बात कहकर गया था। इसके बाद पीडि़त एसपी कार्यालय भी गया, लेकिन थाने पर दुबारा रिपोर्ट दर्ज करवाने नहीं आया। आरोप निराधार है।

सुरेश कुमार, थाना प्रभारी, विराटनगर