बाड़मेर में जांच होने पर भी नहीं बदली स्थितियां, कोरोना संदिग्धों को दूसरे दिन मिल रही रिपोर्ट

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Published: 11 May 2020, 08:00 AM IST

-बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में कोरोना की जांच
-250 सेम्पल की रोजाना जांच बताई, लेकिन नमूनों की जांच की गति धीमी

बाड़मेर. मेडिकल कॉलेज बाड़मेर में जांच शुरू होने पर उम्मीद थी कि उसी दिन जांच रिपोर्ट आ जाएगी। लेकिन ऑटोमैटिक मशीन नहीं होने के कारण जांच के स्टैप मैनुअली करने से रिपोर्ट दूसरे दिन मिल रही है।
बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू होने को पूरे 8 दिन हो चुके हैं। गत 2 मई से जांच शुरू हुई थी। पहले दिन 2 नमूनों की जांच हुई। इसके बाद यहां जांच शुरू होने से चिकित्सा विभाग ने नमूनों की संख्या बढ़ा दी। वहीं पॉजिटिव मामले भी बाद में लगातार सामने आए, ऐसे में नमूनें बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन नमूनों की रिपोर्ट दूसरे व तीसरे दिन आ रही है।
स्थानीय जांच फिर भी जोधपुर जैसे हालात
बाड़मेर में जांच से पहले नमूनेे जोधपुर जाते थे। वहां भी दूसरे दिन रिपोर्ट मिलती थी। कई बार तो तीन दिन भी लगे थे। जबकि अब बाड़मेर में जांच हो रही है, दावा भी था स्थानीय स्तर पर 4 घंटे में रिपोर्ट आ जाएगी। जिसमें समान्यत: 12-18 घंटे बाद ही रिपोर्ट आ रही है। तब तक अगर कोई संक्रमित हो तो वह भी वार्ड में अन्य मरीजों के साथ ही भर्ती रहता है। जिससे दूसरों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
250 नमूनों की जांच रोजाना का दावा
कॉलेज प्रबंधन ने जांच शुरू करने से पहले दावा किया था कि रोजाना 250 नमूनों की जांच होगी। लेकिन अब तक तो ऐसा 8 दिन में एक बार भी नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन में अब भी कई काम मैनुअल होते हैं, जिसमें समय लग रहा है। नमूनों की संख्या भी अचानक काफी बढ़ गई है। जैसलमेर जिले के नमूने भी यहां आ रहे हैं।
संदिग्धों के दिल की धड़कनें तेज
बाड़मेर में दिनों-दिन संदिग्धों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पहले 5-7 नमूने होते थे जो अब 100 के बाहर जा रहे हैं। जब तक नमूनों की रिपोर्ट नहीं आती है तब तक संदिग्धों और परिजनों की की धड़कनें बढ़ी रहती है। उनको नमूने लेने के बाद रिपोर्ट का इंतजार रहता है। वे बार-बार चिकित्साकर्मियों को पूछते भी रहते हैं।
मैनअुल स्टैप के कारण लग रहा समय
माइक्रोबायोलॉजी में कोरोना जांच मशीनों में कुछ स्टैप अभी मैनुअल करने पड़ते हैं। इसमें काफी समय लगता है। जिसके कारण जांच रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। जल्द ही ऑटोमैटिक मशीन मिलने पर यह समस्या भी खत्म हो जाएगी। अभी पूरा काम भी यहां के लिए नया है। इसलिए समय तो लगता ही है।
डॉ. एनडी सोनी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज बाड़मेर