Maruti Suzuki की इन कारों में मिल रहा है ये दमदार सेफ्टी फीचर, अब कहलाएंगी भारत में सबसे ज्यादा सेफ

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Published: 19 May 2018, 12:24 PM IST

Maruti Suzuki इस सिस्टम को एडिशनल फीचर के तौर पर दे रही है। इस फीचर के जरिए TPMS यानी टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम मिलेगा।

Maruti Suzuki की इन कारों में मिल रहा है ये दमदार सेफ्टी फीचर, अब कहलाएंगी भारत में सबसे ज्यादा सेफ

भारत की जानी-मानी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) इस समय अपनी बिक्री को भारत में बढ़ाने के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन कार लॉन्च कर रही है। मारुति सुुजुकी देश की नंबर वन कंपनी तो है कि इसी के साथ वो देश की ऐसी कंपनी बनना चाहती है जो ग्राहकों को सबसे अलग और खास फीचर्स वाली कार कीमत में मुहैया करवाए। अब मारुति सुजुकी अपनी नई कारों के साथ अलग से एक सेफ्टी फीचर दे रही है। मारुति सुजुकी इस सिस्टम को एडिशनल फीचर के तौर पर दे रही है। इस फीचर के जरिए TPMS यानी टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम मिलेगा। मारुति सुजुकी के सभी शोरूम अपनी कारों पर इस फीचर की एसेसरीज को फिट करेंगे।

आइए जानते हैं टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम क्या होता है और कैसे काम करता है...
ये एक बेहतरीन सेफ्टी फीचर है जो कि कार और इंसान दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम कार के चारों पहियों का प्रेशर चेक करने का काम करता है और अगर जरूरत से कम या ज्यादा प्रेशर है तो ड्राइवर को सूचित करने का काम करता है। अगर टायर का प्रेशर कम है तो उसकी वजह से टायर फटने का खतरा होता है, जिसको इस सिस्टम के जरिए रोका जा सकता है। अगर कार तेज गति से चल रही है और बीच में टायर फट गया तो इससे दुर्घटना हो सकती है।

इन कारों में मिल रहा है ये खास फीचर
मारुति सुजुकी की डिजायर, स्विफ्ट और विटारा ब्रेजा पर ये ऑफर मिल रहा है। इस सेफ्टी फीचर के आने के बाद मारुति सुजुकी की गाड़ियां अपनी कीमत में सबसे ज्यादा सेफ्टी फीचर्स वाली कार बन जाएंगी।

कितना होगा खर्च
कंपनी इस सेफ्टी फीचर को अलग से देगी, जिसके लिए ग्राहकों को 12,990 रुपये अलग से देने होंगे।
इस सिस्टम में 5 सेंसर्स दिए गए होते हैं जो कि स्पेअर व्हील और सभी पहियों में लगे होते हैं। ये सेंसर हवा के प्रेशर की जांच करते हैं और कार के डैशबोर्ड पर लगी डिस्प्ले में शो करते है। ड्राइविंग के हिसाब से टायर प्रेशर को तय किया जा सकता है। अगर टायर का प्रेशर काफी ज्यादा है तो कार की स्पीड कम करनी चाहिए और हो सके तो कार रोक ही लेनी चाहिए। कार रोकने से टायर ठंडे हो जाते हैं और हवा का प्रेशर धीरे-धीरे कम होने लग जाता है।

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