Rashi Parivartan of venus: अपनी नीच राशि में जा रहे है दैत्यगुरु, आप पर ये होगा इसका असर

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Updated: 17 Oct 2020, 05:55 PM IST

: शुक्र का कन्या में गोचर कब है When is the transit of Venus in Virgo
: शुक्र के कन्या में गोचर करने का समय Time of transit in Venus's Virgo
: शुक्र कन्या से कब जाएगा When will Venus leave Virgo
: शुक्र के कन्या में गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या होगा असर What will be the effect of transit in Venus's Virgo on all 12 zodiac signs?

biggest affects of shukra rashi parivartan on 23 oct.2020- शुक्र के इस परिवर्तन का पड़ने जा रहा है आप पर भयानक प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार आकाश में होने वाले ग्रहों के बदलाव का असर हम सभी पर सीधे तौर से पड़ता कभी जहां इससे अत्यंत लाभ की स्थितियां बनती हैं,तो कई बार यह आपको भयंकर परेशानियों में तक फंसा देते हैं। इन्हीं सब स्थितियों के बीच भाग्य के कारक व दैत्यों के गुरु शुक्र चंद दिनों बाद यानि 23 अक्टूबर, शुक्रवार को ही एक खास बदलाव करने जा रहे हैं। उनके इस बदलाव को लेकर जहां कुछ लोग डरे हुए हैं, वहीं कुछ राशि वालों को ये इस बदलाव के साथ ही बहुत बड़ा फायदा देने जा रहे हैं।

दरअसल ज्योतिष में शुक्र ग्रह जन्म कुंडली में स्थित सभी 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त ज्योतिष में शुक्र एक शुभ ग्रह है, वहीं यदि शुक्र कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है।

शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं जबकि सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं। शुक्र का गोचर 23 दिन की अवधि का होता है अर्थात शुक्र एक राशि में क़रीब 23 दिन तक रहता है।

वहीं यदि शुक्र की पौराणिक मान्यता की बात करें तो शुक्र को हिंदू पुराणों में दैत्य के गुरू के रूप में उल्लेखित किया गया है। शुक्र का पौराणिक कथाओं में प्रचलित नाम शुक्राचार्य है, जिनके बाद संजीवनी विद्या थी और ये शिव के परम भक्त व महर्षि भृगु ऋषि के पुत्र हैं। सप्ताह में शुक्रवार का दिन शुक्र को समर्पित है।

शुक्र का रत्न - हीरा व रंग – गुलाबी माना गया है। माना जाता है कि कुंडली में शुक्र को मजबूत बनाने के लिए हीरा धारण करना चाहिए, लेकिन इसे किसी जानकार की सलाह पर ही पहनना उचित माना गया है। इसके साथ ही यह भी माना जाता है कि शुक्र के मामले में दान करना भी आपको लाभ पहुंचाएगा। इसके अच्छे फल के लिए महिलाओं का सम्मान करें। परशुराम की आराधना करने से भी शुक्र की कृपा प्राप्त होती है।

ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा के अनुसार वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है।

ऐसे में शुक्र ग्रह 23 अक्टूबर 2020, शुक्रवार को सुबह 10.34 बजे अपनी नीच राशि कन्या में गोचर करेगा और करीब 25 दिनों तक इसी अवस्था में रहेगा। इसके बाद यह फिर पुनः अपना गोचर करते हुए, 17 नवंबर 2020, मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर, कन्या राशि से निकल कर अपनी ही राशि तुला में चला जाएगा।

ऐसे में शुक्र के कन्या राशि में होने वाले इस गोचर का प्रभाव, करीब-करीब सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि, शुक्र के कन्या में होने वाले गोचर का सभी राशियों पर क्या पड़ेगा...

1. मेष राशिफल
शुक्र आपकी राशि से छठे भाव यानि रोग व शत्रु भाव में गोचर करेगा। ऐसे में शुक्र के इस गोचर का, आपकी राशि पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

आपके लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं, जिससे परिवार, धन, साझेदार और जीवनसाथी का विचार किया जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि में सबसे ज्यादा कमज़ोर स्थिति में होंगे, जिसके परिणामस्वरूप आपको इस दौरान, कई प्रकार की परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।

कार्यक्षेत्र पर आपके शत्रुओं और विरोधियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। आपको इस बात को भी समझना होगा कि, अपने जीवन में सफल होने के लिए आपको सभी शत्रुओं और विरोधियों से सीख लेने और उन पर विजय प्राप्त करने की आवश्यकता है।

शुक्र देव इस दौरान, निर्बल अवस्था में होंगे, जिस कारण किसी भी खराब परिस्थिति से निकलने के लिए, आपको अपने धन को सही रणनीति और सही योजना के अनुसार ही, खर्च करने की ज़रूरत होगी, अन्यथा आगे चलकर आर्थिक तंगी भी हो सकती हैं। इस दौरान धन को लेकर किसी भी तरह के लेन-देन को न करें।

शुक्र के इस गोचर के दौरान, आपको वाहन चलाने से परहेज करना चाहिए, अन्यथा कोई दुर्घटना होने की आशंका साफ़ दिखाई दे रही है। आपके साहस और पराकर्म में भी इस समय, कमी देखी जाएगी। साथ ही नेत्र संबंधी समस्या भी, परेशान कर सकती है। इसलिए ज़रूरत से ज्यादा टी.वी. देखने और मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।

उपायः “ललिता सहस्रनाम” का जप करें।

2. वृषभ राशिफल
शुक्र देव आपकी राशि के स्वामी होने के साथ ही इस दौरान आपके पंचम भाव यानि बुद्धि व पुत्र भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में दांपत्य जीवन में आपको संतान पक्ष की ओर से, कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। जिससे आपको ख़ुशी की अनुभूति होगी और आपकी संतान इस समय, उन्नति करती दिखाई देंगी। आप इस समय बेहद ऊर्जावान एवं बेहद सकारात्मक दिखाई देंगे, जिससे समाज में आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी।

कार्यक्षेत्र पर आपको, धन कमाने के साथ-साथ प्रगति करने के भी कई अवसर प्राप्त होंगे। आपकी पदोन्नति संभव है। लेकिन बीच-बीच में शुक्र, आपको आलस भी देगा, जिससे आप इस गोचर के समय बेहतर परिणाम प्राप्त करने में, थोड़ा विलंब महसूस कर सकते हैं।

उपायः दाहिने हाथ की अनामिका में, सफ़ेद ओपल रत्न चांदी की अंगूठी में धारण करें, लेकिन किसी जानकार की सलाह पर ही।


3. मिथुन राशिफल
शुक्र इस दौरान आपकी राशि से चतुर्थ भाव यानि सुख व माता के भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में शुक्र का ये गोचर, आपके लिए अच्छा रहने वाला है।
इस समय आपके विचारों और सुझावों की जमकर प्रशांसा होगी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे खुश दिखाई देंगे। इस समय आप कार्यस्थल पर अपना प्रदर्शन पहले से और अच्छा दे सकते हैं।

आपकी मां से आपके संबंधों में निखार आएगा। इस समय आप पूर्ण रूप से खुद को खुश रखने व अपनी और अपने परिवार की इच्छाओं की पूर्ति के लिए भी, प्रयास करते दिखाई देंगे। लेकिन इस समय अपने धन को, खर्च करते समय अधिक सावधान रहने की ज़रूरत होगी।

उपायः शुक्रवार के दिन सफ़ेद वस्तुओं का दान करें।

4. कर्क राशिफल
आपकी राशि से इस समय शुक्र तृतीय भाव यानि पराक्रम व छोटे भाई बहनों के भाव में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस गोचर के दौरान आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। जिसके चलते आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हर संभव प्रयास करते दिखाई देंगे। जिससे भविष्य में आपको उत्तम परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। मित्रों की संख्या में अचानक से इज़ाफा होगा।

आपके भाई-बहन भी, इस समय सफल होंगे, इसके साथ ही कार्यक्षेत्र पर इस गोचर से आपको, अनुकूल फल मिलेंगे। यदि आप नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे थे तो, आपको इस समय स्थानांतरण करने के कई अवसर मिलने की संभावना रहेगी।

स्वास्थ्य के दृष्टि से शुक्र के कन्या में गोचर के दौरान आपकी सेहत सामान्य से ठीक-ठाक ही रहेगी। हालांकि बीच-बीच में गले या गर्दन से संबंधित, कोई समस्या परेशान कर सकती है।

कुल मिलाकर शुक्र का ये गोचर आपकी लंबे समय से, अधूरी पड़ी इच्छाओं, जैसे नृत्य, गाना, यात्रा करना आदि, को पूरा करने में आपकी मदद करेगा। जिससे आप खुलकर अपने जीवन को जीते और, अपने विचारों व योजनाओं को बेहतर बनाते दिखाई देंगे।

उपायः अपने दाहिने हाथ की अनामिका में चंद्रमणि धारण करें, लेकिन किसी जानकार की सलाह पर ही।

 

5. सिंह राशिफल
आपकी राशि से शुक्र इस समय द्वितीय भाव यानि धन व वाणी भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। ऐसे में इस गोचर से आपको, अपने पारिवारिक व्यवसाय से लाभ होगा। आपको उन्नति और तरक्की करने के भी कई अवसर प्राप्त होंगे।

यदि आप नौकरी करते हैं तो, इस समय आपको कार्यक्षेत्र में बहुत से उतार-चढ़ावों से दो-चार होना पड़ सकता है। जिससे आप अपने काम से असंतुष्ठ दिखाई देंगे। साथ ही आपका अपने वरिष्ठ अधिकारियों से, मतभेद भी संभव है। इसलिए जल्दबाज़ी में कोई भी निर्णय लेने से भी परहेज करें।

दांपत्य जीवन बढ़ाने के लिए समय बेहद शुभ है। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। शुक्र का ये गोचर पारिवारिक वातावरण, अच्छा रखने में बेहद मददगार साबित होगा। आप घर की साज-सज्जा पर खुलकर खर्च करते भी, दिखाई देंगे, लेकिन इस दौरान धन को अधिक खर्च करने से भी आपको बचना होगा। सेहत के लिहाज से भी समय अच्छा रहने की उम्मीद है।

उपायः नियमित रूप से गाय को गेहू का आटा खिलाएं।

6. कन्या राशिफल
इस दौरान शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में, यानी प्रथम भाव, अर्थात लग्न भाव यानि स्वयं का भाव में रहेगा। ऐसे में इस गोचर के दौरान आप सकारात्मक, उल्लासपूर्ण और आशावादी रहेंगे, जिससे अन्य लोग आपकी ओर आकर्षित होते दिखाई देंगे। वहीं अपने हुनर के चलते, आप विपरीत लिंगी लोगों का दिल जीत पाने में कामयाब रहेंगे।

प्रेमी जातकों के लिए समय अच्छा है। साथ ही शादीशुदा जातक, अपने परिवार को बढ़ाने के बारे में कोई बड़ा निर्णय इस समय ले सकते हैं। इस समय शुक्र, आपको अधिक इच्छावादी बनाएगा, जिससे आपका ध्यान अपने लक्ष्य से कुछ भटक सकता है।

वहीं यदि आप व्यापार करते हैं तो, आपको इस अवधि में आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलेगा। आपका परिवार खासतौर से, आपके पिता भी इस समय आपको पूरी तरह सहयोग करते दिखाई देंगे।

चूंकि शुक्र आपकी राशि में नवम भाव के स्वामी होते हैं, ऐसे में आपको इस गोचर के दौरान भाग्य का साथ मिलेगा। जिससे आप हर कार्य को समय से पहले पूरा करने में सफल होंगे।

उपायः मां लक्ष्मी की स्तुति के लिए “श्री सूक्त स्तोत्र” का पाठ करें।


7. तुला राशिफल
शुक्र आपकी राशि के ही स्वामी हैं, लेकिन इस समय वह आपकी राशि से द्वादश भाव यानि व्यय भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी।

कार्यक्षेत्र में ये गोचर, आपको विदेशी स्रोतों और विदेशी व्यापार से अच्छा लाभ दिलाएगा। यदि आप, किसी मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं तो भी, आपके लिए ये गोचर बेहद शुभ रहने वाला है। हालांकि शुक्र देव की ये स्थिति आपको थोड़ा असहज महसूस कराएगी, जिससे आप बहुत से अच्छे अवसर गवा सकते हैं।

इस समयावधि में आप अपने दोस्तों और करीबियों की मदद से, कोई लाभ उठा सकते हैं। हालांकि इस समय आपके ख़र्चों में लगातार, वृद्धि देखी जाएगी। प्रेम जीवन में आपको सफलता मिलेगी। लेकिन इस समय आपके निजी विचार आपके रिश्ते में कुछ विवाद भी उत्पन्न कर सकते हैं।

सेहत के लिहाज से ये समय थोड़ा कष्टदायक रहने वाला है। आपको नेत्र संबंधि या वजन संबंधित किसी प्रकार की समस्या हो सकती है। इ

उपायः शुक्रवार के दिन 'अष्टलक्ष्मी स्तोत्र' का पाठ करें।

8. वृश्चिक राशिफल
इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से एकादश भाव यानि आय भाव में स्थित होंगे, जिससे आपको अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी।

कॅरियर और कार्यक्षेत्र के लिए ये गोचर, अच्छा रहने वाला है, क्योंकि आपको इस समय पदोन्नति और सफलता की प्राप्त होगी। साथ ही पार्टनरशिप में बिज़नेस करने वाले जातकों को भी, शुभ फल मिलेंगे। नौकरी पेशा जातकों को, आगे बढ़ने और विदेश जाने के कई अवसर मिलेंगे। इन यात्राओं से कोई बड़ा मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है।

इस समय उन्नति और तरक्की के चलते समाज में भी, आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक जीवन के लिए भी समय अच्छा है। आपको किसी प्रकार का कोई धन लाभ होने की संभावना रहेगा। उम्मीद है कि, आपका कोई पुराना अटका हुआ धन आपको वापस मिले।

हालांकि इस दौरान, आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा कमज़ोर रह सकता है, क्योंकि शुक्र आपकी राशि के सप्तम भाव का स्वामी है।

उपायः "भगवान परशुराम" के अवतार की, संपूर्ण कथा पढ़ें या सुनें।


9. धनु राशिफल
आपकी राशि से इस समय शुक्र दशम भाव यानि कर्म व पिता का भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको प्रतिकूल परिणाम प्राप्त होंगे। इस दौरान आपके अंदर नकारात्मक सोच हावी रहेगी, जिससे आप अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।

साथ ही कार्यक्षेत्र में इस गोचर के दौरान आपको, हर कार्य में असंतुष्टि महसूस होगी। आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे और आप अपनी योग्यताओं को लेकर, थोड़ा उलझन में दिखाई देंगे। जिसका लाभ उठाते हुए, आपके शत्रु आपको हानि पहुंचा सकते हैं।

उचित होगा इस दौरान आप खुद को जितना संभव हो सकारात्मक बनाएं रखें और मेहनत करते रहें, तभी ये प्रतिकूल समय निकल सकेगा। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों के साथ विवाद संभव है, जिससे आपकी छवि को भी, नुकसान पहुंच सकता है।

इस समय हर प्रकार के धन के लेन-देन से परहेज करें। इस समय दोस्तों और करीबियों से झगड़ा संभव है। वैवाहिक जीवन में आप दोनों में बार-बार टकराव की स्थिति, उत्पन्न होती रहेगी। सेहत के मामले में ये गोचर आपको मानसिक तनाव और थकान देने वाला है, जिससे आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचेगा। इस समय आपको नेत्र संबंधित समस्या भी, परेशान करेंगी।

उपायः शुक्रवार के दिन सफ़ेद रंग के वस्त्र पहनें।

10. मकर राशिफल
गोचर की इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से नवम भाव यानि भाग्य भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको बेहद अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र पर नौकरी पेशा जातक और वे जातकों जो नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे थे, दोनों को ही इस गोचर के दौरान बहुत लाभ और तरक्की करने के कई अवसर प्रदान होंगे।

खासतौर से नौकरी बदलने वाले जातकों को, भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपको कार्य से संबंधित यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है। आप अपनी मेहनत और समझ से, इस यात्रा से अच्छा लाभ भी अर्जित करने में सफल होंगे।

इस समय पिता या पिता तुल्य किसी व्यक्ति से आपको हर ज़रूरी सहयोग और सलाह उनसे मिल सकेगी। आपका रुझान धार्मिक कार्यों में अधिक लगेगा। गोचर की इस समयावधि के दौरान, उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए, विदेश जाने की इच्छा रखने वाले जातकों को विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा।

उपायः नियमित रूप से, शुक्रवार के दिन शुक्र यंत्र स्थापित करें।


11. कुंभ राशिफल
इस गोचर के दौरान, शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव यानि आयु भाव में स्थित होंगे, जिससे आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। ऐसे में कार्यक्षेत्र पर आप पहले से अधिक साहस और, पराक्रम के साथ हर कार्य को करते दिखाई देंगे। आप इस समय किसी भी कार्य को करने में, संकोच नहीं महसूस करेंगे। आपके सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारी आपकी जमकर प्रशंसा भी करते दिखाई देंगे।

वहीं, यदि आप अपना व्यापार करते हैं तो, आपको शुक्र के इस गोचर के दौरान, धन लाभ के कई मौके मिलेंगे, जिनका आप भली-भांति लाभ उठाने में भी सफल हो जाएंगे।

पारिवारिक जीवन में भी घर-परिवार का अच्छा वातावरण, आपको प्रसन्न करेगा। आपको अपनी किसी पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की भी संभावना है। प्रेम जीवन को देखें तो, प्रेमी के साथ आपका रिश्ता एक अलग ही ऊंचाई पर, इस गोचर के दौरान दिखाई देगा। हालांकि मां की खराब सेहत, आपकी चिंता का सबसे बड़ा कारण बन सकती है।प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ये समय अच्छा रहेगा। उन्हें अपनी इच्छा अनुसार, शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

उपायः रोज़ाना अपने माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।


12. मीन राशिफल
इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में रहेंगे, जिससे आपको सामान्य से अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। लेकिन कार्यक्षेत्र पर आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इस दौरान आपका किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है, जो आपकी छवि को नुकसान पहुँच सकता है। यदि आप पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं तो, आपका अपने सहयोगी संग विवाद संभव है। वहीं शादीशुदा जातकों का, अपने जीवनसाथी के साथ अहम का टकराव हो सकता है। हालांकि ये टकराव ज्यादा समय तक नहीं रहेगा।

आप इस समय बेहद भावुक भी नज़र आएंगे। वहीं, प्रेम में पड़े जातक साथी के सामने अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाएंगे। जबकि स्वास्थ्य के मामले में आपको आपको इस दौरान कुछ समस्या हो सकती है। आशंका है कि, आपको पेट या मूत्र संबंधित कोई विकार परेशान करें, इसलिए बेहतर होगा कि, समय-समय पर साफ़ पानी पीते रहें।

उपायः किसी भी महत्वपूर्ण कार्य पर जाने से पहले, इलायची के बीज चबाएं।