नवरात्र में करें इस मंत्र का जाप, जल्द मिलने लगेगा आर्थिक तंगी से छुटकारा घर में होगी खुशियां

|

Updated: 18 Oct 2020, 07:58 AM IST

  • हिंदू धर्म में ये नौ दिनों का है विशेष महत्व
  • सच्ची भक्ति से मां भर देती है सबकी झोली

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र की शुरूआत होते ही हर घर में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा बड़े ही धूमधाम के साथ होने लगती है। क्योकि कहा गया है कि इन नौ दिन में जो भक्त पूरी श्रृद्धा के साथ देवी की आराधना करता है उससे मां शेरोवाली प्रसन्न हो जाती है और उसके सभी कष्टों को हरते हुए, दुख और दर्द दूर कर देती हैं। इसलिए जिन लोगों को भी देवी की कृपा पर विश्वास है उन्हें नवरात्र में सही विधि से पूजा जरूर करनी चाहिए।

यदि आप इस शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) में मां देवी को प्रसन्न करना चाहते है तो आप इन नौ दिनों के दौरान सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद चौकी पर स्थापित देवी और कलश पर गंगाजल से छींटे मारें। फिर देवी का ध्यान करते हुए ज्योत जलाएं। साथ ही धूप और अगरबत्ती भी जलाएं। जौ के पात्र में जल चढ़ाएं। देवी के मस्तक पर कुमकुम का तिलक लगाएं। माता की प्रतिमा पर गुड़हल की फूलों की माला अर्पित करें। क्योकि लाला गुड़हल के फूल से माता प्रसन्न होती है। इसके बाद देवी के मंत्रों का जाप करें। फिर देवी को फल या मिठाई का भोग अवश्य लगाएं।

अब यहां बात आती है कि मां देवी को कौन से मंत्र पढ़ने से वो खुश हो जाती है तो इसके लिए हम बताते है कि यदि आप अपनी मनोकामना को जल्द से जल्द पूरी करनी चाहते है तो इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र को पढ़ने से यश और उत्तम स्वास्थ्य का विशेष वरदान मिलता है। साथ ही इस दिन की पूजा से सूर्य ग्रह की समस्याएं भी दूर होती हैं।

इस मंत्र का जाप करने से पहले लाल वस्त्र धारण करें।
इसके बाद देवी को लाल फूल और लाल फल अर्पित करें। और ताम्बे का सिक्का भी चढ़ाएं। इसके बाद पहले देवी के मंत्र "ॐ दुं दुर्गाय नमः" का जाप करें। फिर सूर्य के मंत्र "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" के जाप की माला कम से कम तीन बार फेरें।
ताम्बे का छल्ला, अनामिका अंगुली में धारण करें।