श्रीलंका: राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने भंग की संसद, मध्यावधि चुनाव की तारीखों का किया ऐलान

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Updated: 03 Mar 2020, 10:51 AM IST

Highlights:

  • श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने मध्यरात्रि को संसद भंग करने के आदेश पर किया हस्ताक्षर
  • निर्धारित अवधि से छह महीने पहले संसद भंग करने का फैसला
  • एक सितंबर 2015 को गठित हुआ था श्रीलंका का मौजूदा संसद

कोलंबो। श्रीलंका (Srilanka) के सियासत से एक बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने सोमवार को संसद भंग करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने 25 अप्रैल को मध्यावधि चुनाव कराने का भी ऐलान किया है। आपको बता दें कि श्रीलंका की संसद को भंग करने का यह फैसला अपनी निर्धारित अवधि से करीब छह महीने पहले लिया गया है।

नई अधिसूचना में है नामांकन से लेकर चुनाव की जानकारी

इस फैसले के बारे में बात करते हुए सरकार के प्रिंटिंग डिपार्टमेंट ने बताया कि राष्ट्रपति ने मध्यरात्रि को संसद भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर किया। इसके साथ ही अधिसूचना जारी की गई है कि 25 अप्रैल को चुनाव होगा। इसके लिए राजनीतिक दल और निर्दलीय उम्मीदवार 12 से 19 मार्च के बीच नामांकन करा सकते हैं। चुनाव के बाद 14 मई से नई संसद का पहला सत्र शुरू किया जाएगा।

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एक सितंबर 2015 को गठित हुआ था श्रीलंका का मौजूदा संसद

आपको बता दें कि श्रीलंका में मौजूदा संसद का गठन एक सितंबर 2015 को किया गया था। वहीं, श्रीलंका में संसद को भंग करने के लिए जरूरी है कि संसद को साढ़े चार साल का समय पूरा हुआ हो। श्रीलंका की संसद की कुल संख्या 225 है। इसके साथ 29 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर चुने जाते हैं। इस बार करीब 1.62 करोड़ लोग 196 संसद सदस्यों का चुनाव करेंगे। आपको बता दें कि पिछले साल ही गोतबाया राष्ट्रपति चुनाव में जीते थे, इसके बाद उन्होंने अपने बड़े भाई महिंदा राजपक्षे को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया था।