पाकिस्तान ने भारतीय राजदूत Jayant Khobragade को वीजा देने से किया इनकार, दी बेतुकी दलील

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Updated: 20 Sep 2020, 12:21 PM IST

Highlights

  • जयंत खोबरागड़े (Jayant Khobragade) फिलहाल परमाणु ऊर्जा विभाग में ज्वाइंट सचिव के तौर पर हैं।
  • वह किर्गिस्तान (Kyrgyzstan) में भारतीय राजदूत के तौर पर भी तैनात हो चुके हैं।

नई दिल्ली। भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है। पहले पाकिस्तान ने कुलभूषण मामले में भारतीय वकील की मांग को ठुकराया। वहीं अब पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के लिए चुने गए अफसर जयंत खोबरागड़े (Jayant Khobragade) को वीजा देने से इनकार कर दिया है। वे 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं।

कश्मीर मसले को लेकर पाक तनाव में

जयंत खोबरागड़े को लेकर पाकिस्तान का कहना है कि जयंत काफी सीनियर अधिकारी हैं। वे इस पद के लिए सही उम्मीदवार नहीं हैं। हालांकि पाकिस्तान में वे पहले भी पोस्टेड रह चुके है। इस कदम से भारत को समझ में आ गया है कि कश्मीर मसले को लेकर पाक अभी भी तनाव में है। इसके साथ ही उसे इस बात की भी झुंझलाहट है कि भारत अब पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम महत्व देता है।

जयंत खोबरागड़े फिलहाल परमाणु ऊर्जा विभाग में ज्वाइंट सचिव के तौर पर हैं। वह किर्गिस्तान में भारतीय राजदूत के तौर पर भी तैनात हो चुके हैं और रूस में भी काम किया है। इसके अलावा स्पेन और कजाकिस्तान के मिशन में जूनियर स्तर पर भी जिम्मेदारी ले चुके हैं।

पाकिस्तान में पहले भी खोबरागड़े काम कर चुके हैं। उनके वीजा खारिज होने की बात के पीछे दोनों के देशों के बीच तनाव को देखा जा रहा है। बीते साल दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया था, उनके मिशन को उपराजदूत संभाल रहे हैं।