पाकिस्तान में कितना बुरा है हिंदू मंदिरों का हाल, इस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

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Published: 08 Feb 2021, 02:30 PM IST

  • पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों का है बुरा हाल
  • सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए आयोग की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
  • 365 में से 287 मंदिर भूमाफियाओं के हवाले

नई दिल्ली। भारत में अक्सर अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर कई सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों की हालत को लेकर बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में हुए खुलासे के मुताबिक पाकिस्तान ( Pakistan )में हिंदू मंदिरों ( Hindu Mandir ) की हालत बेहद खराब है।

आपको बता दें कि पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट की ओऱ से जो आयोग बनाया गया था, उसी की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। यानी पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को लेकर जिस तरह की आशंकाएं जताई जा रही थी, अब उन पर मुहर लग गई है।

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पाकिस्तान में हिंदुओं की क्या स्थिति है यह किसी से छिपी नहीं और अब खुद पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के बनाए आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एक बार फिर से इसका खुलासा कर दिया है। आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में हिंदुओं के मंदिर कितने बदतर हालात में हैं।

दरअसल पाकिस्तान के 'डॉन न्यूज' में छपी खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू मंदिरों की स्थिति पर रिपोर्ट देने के लिए डॉक्टर शोएब सदल के नेतृत्व में एक सदस्यीय आयोग गठित किया था।

इस आयोग ने अब अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट की सातवीं रिपोर्ट 5 फरवरी को सौंपी गई है। इसमें इस बात का अफसोस जताया गया है कि ईवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) हिंदुओं के अधिकांश प्राचीन धर्म स्थलों को संभालने में विफल रहा है।

चार में से दो प्रसिद्ध मंदिरों की हालत खराब
आयोग की टीम ने हाल में दो प्रसिद्ध मंदिरों का भी दौरा किया। 6 जनवरी को चकवाल में कटस राज मंदिर और 7 जनवरी को मुल्तान के प्रह्लाद मंदिर का दौरा किया गया। इनकी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल है।

दरअसल पाकिस्तान के 4 सबसे ज्यादा प्रसिद्ध मंदिरों में से दो की जानकारी दी गई है और इनकी तस्वीरें भी रिपोर्ट में शामिल की गई हैं।

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एक सदस्यीय टीम, तीन सहायक
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू मंदिरों को लेकर जो आयोग का गठन किया वो एक सदस्यीय था। हालांकि इस आयोग में तीन सहायक सदस्यों को भी शामिल किया गया।

पाकिस्तान में 365 हिंदू मंदिर
आयोग ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसके मुताबिक पाकिस्तान में कुल 365 हिंदू मंदिर हैं। इनमें से सिर्फ 13 मंदिरों के रखरखाव की जिम्मेदारी ईटीपीबी ने ली है। बावजूद इसके इन मंदिरों की हालत बदतर हो गई है।

खास बात यह है कि रिपोर्ट में बताया गया है कि 365 मंदिरों में से 287 मंदिरों को भू माफियाओं के हवाले छोड़ दिया गया है। जबकि 65 मंदिर ऐसे हैं जिनकी देखभाल हिंदू समुदाय खुद कर रहा है।

सिर्फ इस काम में ETPB की रुचि
सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का आरोप लगाया गया है कि आजादी के 73 साल बीतने के बाद भी ETPB की रुचि सिर्फ प्रवासित अल्पसंख्यकों की महंगी संपत्तियों को कब्जे में लेने में थी।

इतना ही नहीं सैकड़ों कस्बों में अल्पसंख्यक समुदायों के धर्मस्थलों, पूजा स्थलों या अन्य संयुक्त संपत्तियों को भी ईटीपीबी अपने कब्जे में ले चुका है।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने ही खैबर पख्तूनख्वा में तोड़े गए एक सदी पुराने हिंदू मंदिर को दोबारा बनवाने का आदेश दिया था।

इस मंदिर पर दिसंबर 2020 में भीड़ ने हमला किया था और आग लगा दी थी। इसके बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी।

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