Ex President Pranab Mukherjee के निधन पर चीन ने जताया शोक, दोनों देशों के रिश्तों के लिए बताया अपूर्णीय क्षति

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Updated: 01 Sep 2020, 06:22 PM IST

HIGHLIGHTS

  • चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ( Ex-President Pranab Mukherjee Death ) एक दिग्गज राजनेता थे। उन्होंने अपने 50 वर्ष की राजनीतिक सफर में चीन-भारत संबंधों में सकारात्मक योगदान दिया है।
  • अमरीका के डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें एक समर्पित लोकसेवक बताया।

बीजिंग। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ( Ex-President Pranab Mukherjee ) का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जहां एक ओर पूरे भारतवर्ष में लोग प्रणब मुखर्जी के निधन से दुखी हैं, वहीं कई देशों ने भी शोक व्यक्त किया है। सीमा विवाद को लेकर तनातनी के बीच मंगलवार को चीन ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। चीन ने मुखर्जी को एक दिग्गज नेता करार देते हुए कहा कि उनका जाना भारत-चीन की दोस्ती के लिए एक अपूर्णीय क्षति है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक दिग्गज राजनेता थे। उन्होंने अपने 50 वर्ष की राजनीतिक सफर में चीन-भारत संबंधों में सकारात्मक योगदान दिया है।'

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चुनयिंग ने 2014 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के समय मुखर्जी से मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों ने आपसी सहयोग और विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने आगे कहा कि प्रणब मुखर्जी का निधन भारत और चीन की मित्रता के साथ ही भारत के लिए गहरी क्षति है। हम उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हैं और भारत सरकार तथा उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हैं।

जो बिडेन ने प्रणब मुखर्जी को बताया समर्पित लोकसेवक

अमरीका के डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ( Joe Biden ) ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने दुख व्यक्त करत हुए प्रणब मुखर्जी को एक समर्पित लोकसेवक बताया है। बिडेन ने कहा कि मुखर्जी भारत-अमरीका के साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में विश्वास रखते थे।

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इससे पहले सोमवार को अमरीकी विदेश विभाग ने शोक प्रकट करते हुए कहा था कि उन्हें भारतीय इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। अमरीका के विदेश उप मंत्री स्टीफन बेगुन ने कहा था कि अमरीका-भारत की मजबूत साझेदारी मुखर्जी की कई स्थायी विरासतों में से एक होगी।

अपने समकक्षों के बीच सबसे लोकप्रिय थे प्रणब मुखर्जी: पुतिन

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भी प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब वे भारत के राष्ट्रपति थे तब पूरी दुनिया में अपने समकक्षों के बीच सबसे लोकप्रिय थे। पुतिन ने कहा कि भारत-रूस के बीच दोस्ती को मजबूत करने में प्रणब मुखर्जी की व्यक्तिगत भूमिका काफी अहम है। दोनों देशों के रिश्तों को सुधारने और अधिक प्रगाढ़ करने में व्यक्तिगत योगदान दिया।

दक्षिण एशिया के सबसे सम्मानित नेता थे मुखर्जी: शेख हसीना

पड़ोसी देश बांग्लादेश ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर अपनी संवेदना व्यक्त की। हसीना ने कहा कि प्रणब मुखर्जी दक्षिण एशिया के सबसे सम्मानित नेता थे। वे बांग्लादेश के एक सच्चे दोस्त थे।