Coronavirus: क्या चीन जानबूझकर भारतीय विमान को नहीं दे रहा क्लियरेंस, ड्रैगन ने दी सफाई

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Updated: 22 Feb 2020, 11:18 AM IST

  • यहां पर फंसे करीब 100 भारतीयों को वापस लेकर भी आना था।
  • माना जा रहा है कि चीन की ओर से क्लियरेंस न मिलने के कारण देरी हो रही।

बीजिंग। भारत की ओर से मेडिकल सप्लाई के साथ एक स्पेशल विमान वुहान शहर जाना था। यहां उसे कोरोना वायरस के कारण फंसे करीब 100 भारतीयों को वापस लेकर आना था। मगर अभी तक इसका शेड्यूल तय नहीं हो सका है। इस पर चीन का दावा है कि यह देरी उसकी तरफ से नहीं हुई है। ऐसी खबर सामने आई है कि स्पेशल फ्लाइट को चीन का क्लियरेंस न मिलने के कारण तारीख तय नहीं हो पाई है। यह विमान 20 फरवरी को चीन के लिए रवाना होने वाला था।

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गौरतलब है कि भारत ने 17 फरवरी को घोषणा की थी कि वह एयरफोर्स के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को मेडिकल आपूर्ति के साथ वुहान भेजेगा और साथ ही वहां फंसे भारतीयों को लौटते वक्त वापस देश लाया जाएगा। अब तक 647 भारतीयों और मालदीव के नागरिकों को एयर इंडिया के विमान से नई दिल्ली लाया गया है।

भारत के तीसरे विमान को मंजूरी देने में देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने शुक्रवार को सफाई दी कि बीजिंग ने पहले भी वुहान शहर व हुबेई प्रांत से बड़ी संख्या में भारतीयों को निकालने में मदद की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के सक्षम विभाग बाकी बचे 100 भारतीयों के लिए बंदोबस्त करने को लेकर विचार कर रहे हैं। चीन विमान को अनुमति देने में देरी नहीं कर रहा है।' गेंग ने कहा कि चीन की सरकार सभी विदेशी नागरिकों की जिंदगी को महत्व देती है। उन्होंने आगे कहा कि हमने उन्हें हर संभव मदद का ऑफर दिया है और हम यह जारी रखेंगे।

चीन में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 2236 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 85 हजार से अधिक लोग संक्रमित हैं, ऐसे में चीन में मौजूद अपने नागरिकों को लेकर भारत सहित कई अन्य देशों का चिंता जाहिर करना स्वाभाविक है।