केंद्रीय बजट 2021: व्यापारियों की सरकार से गुहार, GST में कटौती मिले इस बार

1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होने जा रहा है। व्यापारी टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहे हैं।

<p>केंद्रीय बजट 2021: व्यापारियों की सरकार से गुहार, GST में कटौती मिले इस बार</p>
अलवर. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इस बार केंद्र सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगी। बजट हर साल पेश किया जाता है लेकिन इस बार यह बजट खास है । इस बार देश कोरोनावायरस ऐसे आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। इसलिए कोरोना की मार झेल चुके उद्योगों के अलावा सभी क्षेत्र में राहत की उम्मीद की जा रही है। अलवर पत्रिका ने जाना किस शहर के व्यापारी और सामान्य लोग इस बजट से क्या उम्मीद करते हैं।
आयकर में छूट मिले-

इस बार सरकार को टैक्स में राहत देते हुए टैक्स का दायरा बढ़ाकर 5 लाख तक करना चाहिए जिससे कि 60 साल से कम उम्र के लोगों को राहत मिल सके। सरकार के इस फैसले से बहुत से लोगों को लाभ होगा अभी आए सीमा ढाई लाख से कम है।
उदय सिंह, लैब संचालक

व्यापारियों को मिले राहत-

उम्मीद है कि सरकार इस बार पिछले सालों से ज्यादा अच्छा बजट लाएगी सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों के लिए कर्ज पर अधिक ब्याज छूट या या सहायता दी जानी चाहिए इससे देश में व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी।
-प्रकाश गौड़, मेडिकल क्षेत्र

हम हो रहे परेशान-

पिछले साल कोरोना के वजह से रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए जरूरी है कि केंद्र सरकार जीएसटी की दरों में कटौती करें जिससे कि व्यापार पटरी पर आ सके उद्योग फिर से चल सके।
-अनुराग शर्मा, रेडीमेड व्यापारी


अलग से घोषणा हो-

केंद्र सरकार ने पूर्व में कई जन औषधि केंद्र खुले हैं लेकिन इनका लाभ आम आदमी को नहीं मिल पा रहा क्योंकि इनका प्रचार प्रसार लिखे हो रहा है बजट में सरकार को इनके लिए अलग घोषणा करने की जरूरत है जिससे कि इनका लाभ देश के लोगों को मिल सके।
-डॉक्टर आशीष शर्मा, चिकित्सक
ब्याज दरों में छूट-

कोरोना की वजह से व्यापार के अलावा अन्य वर्गों को भी बहुत नुकसान झेलना पड़ा है। इसलिए जरूरी है कि इस बार के बजट में टैक्स के साथ-साथ बीमा और लोन की ब्याज दरों में छूट दी जानी चाहिए। जिससे कि लोग फिर से व्यापार शुरू कर सकें।
-नकुल सैनी, युवा
लोगों को राहत मिले-

इस बार के बजट में हॉस्पिटैलिटी, रियल स्टेट निर्माण आदि के लिए भी अच्छी घोषणा की जानी चाहिए। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीओं पर जीएसटी कम हो ताकि पॉलिसी धारक को प्रीमियम की लागत कम हो जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
-दिनेश खंडेलवाल, मेडिकल व्यापारी
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