राजस्थान में यहां कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी, तीन गुना दाम वसूल रहे

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Published: 18 Sep 2020, 01:01 PM IST

महामारी के दौर में कुछ लालची लोग अब प्राण वायु यानि ऑक्सीजन की काला बाजारी कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है

अलवर. कोरोना महामारी के दौर में ऑक्सीजन की काला बाजारी जमकर होने लगी है। काला बाजारी करने वाले मरीज के नाम पर फैक्ट्रियों में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक रहे हैं। फिर दो नम्बर से ढाई से तीन गुना दामों में उपलब्ध कराते हैं। जिसके कारण अलवर जिले में करीब 3 से चार हजार फैक्ट्री, दुकान व कारखानों में कामकाज प्रभावित हो चुका है। बिना सिलेण्डर के फैक्ट्रियों में कोई काम नहीं हो सकता। ऐसे में मजबूरी में फैक्ट्री मालिकों को 325 रुपए का ऑक्सीजन का सिलेण्डर 750 से 900 रुपए में लेना पड़ रहा है।

प्रशासन नहीं चेता, कहीं कार्रवाई नहीं

अब तक ऑक्सीजन की सप्लाई के मामले में प्रशासन यही कहता रहा है कि कमी नहीं है फिर भी कालाबाजारी होने लगी है। इस समय जिले के कई हजार दुकानदार व उद्यमी ऑक्सीजन नही ंमिलने से अपने कामकाज ठप करके बैठे हुए हैं। मजबूरी में 800 से 900 रुपए में एक-दो सिलेण्डर लेकर काम भी चला रहे हैं। यही नहीं अलवर एमआइए के कई उद्यमियों ने जिला प्रशासन को अवगत भी कराया है। इसके बावजूद भी अब तक सप्लाई कहां से प्रभावित है। इसकी पड़ताल नहीं की गई। न ब्लैक करने वालों को पकड़ा गया है।

ऑक्सीजन सप्लायर ने साफ कहा 900 से कम नहीं मिलेगा

एमआइए के दो ऑक्सीजन सप्लायर से पत्रिका संवाददाता ने फैक्ट्री संचालक बनकर बात की। एक ने कहा कि ऑक्सीजन सिलेण्डर थोड़ी देर बाद में मिल जाएगा। लेकिन, 900 रुपए से कम नहीं मिलेगा। जब उससे यह पूछा कि इतना महंगा तो साफ बोला आप फोन काटो नहीं है मेरे पास। दूसरे ने कहा कि फिलहाल सिलेण्डर आने वाले हैं। कल उपलब्ध करा सकेंगे लेकिन, दाम के लिए मत बोलना। आप पहले से सिलेण्डर लेते रहे हें इसलिए 750 रुपए से कम में नहीं मिलेगा। यह भी कहा कि हम को भी महंगा मिल रहा है। अब जयपुर से भी सिलेण्डर नही ंआ रहे हैं। पानीपत व पंजाब से मंगाने पड़ते हैं। दो दिन पहले गाड़ी गई है। अब तक माल लेकर नहीं आ सकी है। हमारे खुद के ही महंगा पड़ता है। सप्लायर से पूरी बातचीत के ऑडियो भी हैं।

तीन गुना दाम ले रहे

फैक्ट्री संचालक अजय अग्रवाल व विनोद सिंह ने बताया कि पांच दिन से फैक्ट्रियों को सिलेण्डर नहीं मिल रहे हैं। कालाबाजारी करने वाले तीन गुना दाम मांगते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर फैक्ट्रियों में काम रुक गया है। प्रशासन का काला बाजारी रोकनी चाहिए और सप्लाई सुचारू कराने की जरूरत है।