महाराष्ट्र में दो संतो की भीड़ ने पीट - पीट कर की हत्या ,अखाड़ा परिषद आक्रोशित , कहा धर्म विशेष के लोगों ने घेर कर मारा

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Updated: 19 Apr 2020, 12:26 PM IST

लॉक डाउन के बाद नागा संत करेंगे महाराष्ट्र सरकार का होगा घेराव

महाराष्ट्र में दो संतो की भीड़ ने पीट - पीट कर की हत्या ,अखाड़ा परिषद आक्रोशित , कहा धर्म विशेष के लोगों ने घेर कर मारा

प्रयागराज | महाराष्ट्र में कोरोना के नाम पर धर्म विशेष के लोगों द्वारा जूना अखाड़े के दो संतों की हत्या किए जाने की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा की है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से दोनों संतों की हत्या की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है लॉकडाउन चल रहा है ऐसे में अगर कोई संत महात्मा ब्रह्मलीन होते हैं तो उस इलाके के ग्रामीण और आसपास के साधु संत ही उनकी समाधि में शामिल हों।


उन्होंने कहा है कि बाहरी जिले से साधु.संतों को समाधि में जाने की फिलहाल लॉकडाउन तक कोई आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पालघर जिले के दानू तहसील में जूना अखाड़े के दो संत महात्माओं की पुलिस की मौजूदगी में लाठी डंडों से पीट- पीटकर धर्म विशेष के लोगों ने हत्या कर दी। इस घटना के बाद से साधु संतों में काफी नाराजगी है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दोषियों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरी ने आरोप लगाया है कि कोरोना के बहाने धर्म विशेष के लोग साधु.संतों से बदला ले रहे हैं। लॉक डाउन के खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में संत महात्मा महाराष्ट्र सरकार का घेराव करेंगे। इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाएंगे।महंत नरेंद्र गिरी ने महाराष्ट्र के सीएम उर्ध्व ठाकरे से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बता दें की महाराष्ट्र संतो के साथ हुई घटना को लेकर अखाड़ों मठों मंदिरों के संतों में भयंकर आक्रोश है। बताया जा रहा है की ग्रामीणों ने दो महात्माओं को मार डाला। वायरल हो रहे वीडियो में दिख रही पुलिस को देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि पुलिस वहां थी लेकिन संतो को बचाया नहीं गया । उन्होंने कहा की संत एक समाधि में जा रहे थे। पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए । महाराष्ट्र सरकार को इन सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी होगी।