अजमेर में भी होंगे ब्लैक फंगस मरीजों के ऑपरेशन, जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कवायद

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Published: 18 May 2021, 12:45 AM IST

ब्लैक फंगस मरीजों के लिए बर्न यूनिट वार्ड आरक्षित, एक मरीज भर्ती,अजमेर में तीन संदिग्ध मरीज चिह्नित,राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाई दवाइयां

ajmer अजमेर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से भी ब्लैक फंगस के मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने, मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने एवं दवाइयां उपलब्ध करवाने की कवायद तेज कर दी है। ब्लैक फंगस मरीजों के लिए बर्न यूनिट वार्ड आरक्षित किया गया है। इसमें दोपहर तक एक संदिग्ध मरीज भर्ती किया गया। दो अन्य संदिग्ध मरीजों के आने की सूचना भी मिली, लेकिन वह नहीं पहुंचे। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. वी.बी. सिंह, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल जैन ने ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (राइनोसेरेबल म्यूकरमाईकोसिस) के संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने एवं उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ जरूरत पडऩे पर ऑपरेशन करने के भी निर्देश दिए हैं।

मरीज को घबराने की जरूरत नहीं

डॉ. वी.बी. सिंह ने कि इस बीमारी से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार की ओर से इस बीमारी के पीडि़तों के लिए दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने गठित कमेटी के सदस्यों के साथ भी चर्चा की। विभागवार चिकित्साधिकारियों से सुझाव भी लिए गए।

बैठक में यह भी हुए शामिल

कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. वी.बी. सिंह, ईएनडी विभागध्यक्ष डॉ. पी.सी. वर्मा, दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति वर्मा, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्रसिंह शेखावत, मेडिसिन विभाग आचार्य डॉ. राजेश जैन नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अनिल सामरिया आदि भी मौजूद रहे। नेत्र रोग विभाग के आचार्य डॉ. संजीव नैनीवाल ने नोडल अधिकारी को रिपोर्ट बनाकर भिजवाई है।

बोर्ड में यह हैं शामिल

ईएनटी विभाग विभागाध्यक्ष व आचार्य डॉ. वर्मा, दंत रोग विभाग विभागाध्यक्ष व सहायक आचार्य डॉ. ज्योति वर्मा, न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष व आचार्य डॉ. जितेन्द्र सिंह शेखावत, मेडिसिन विभाग आचार्य डॉ. राजेश जैन, शिशु रोग विभाग आचार्य डॉ. बी.एस. करनावट, नेत्र रोग विभाग आचार्य डॉ. संजीव नैनीवाल, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की आचार्य डॉ. विजयलता रस्तोगी, बायोकेमेस्ट्री विभाग की आचार्य डॉ. सरला महावर और रेडियोलॉजी विभाग के आचार्य डॉ. अविनाश गुप्ता शामिल हैं।