अब टैंशन नहीं : चिकित्सा मंत्री ने अजमेर जिले के लिए भिजवाए 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर

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Published: 18 May 2021, 12:31 AM IST

प्रत्येक की क्षमता 8 लीटर, कोरोना प्रभावित मरीजों की बच सकेगी जान,चिकित्सा संसाधन बढऩे से अस्पताल प्रबंधन का भी बढ़ा हौंसला,कोरोना रोगियों की रिकवर संख्या बढऩा तय

ajmer अजमेर. अब अजमेर जिले के प्रमुख चिकित्सालयों में किसी मरीज की ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हो पाएगी। चिकित्सा एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने अजमेर जिले में भर्ती कोरोना मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए 100 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर उपलब्ध कराए हैं।

जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि कोरोना मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कोरोना मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने जिले में 100 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर उपलब्ध कराए हैं। इससे कोरोना मरीजों को राहत मिलेगी। प्रशासन इनके जरिए अतिरिक्त मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवा सकेगा।

डब्ल्यूएचओ ने उपलब्ध करवाए

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आवंटित जर्मनी निर्मित 100 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर अजमेर जिले को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आवंटित किए गए। प्रत्येक ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर 8 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का है। यह 95 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन मरीज को उपलब्ध कराता है। एक ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर की कीमत लगभग 1.50 लाख है। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय स्तर पर यह ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर प्रदान किए जाएंगे।

कहां कितनों का आवंटन

केकड़ी को 20, ब्यावर, किशनगढ़, पुष्कर, नसीराबाद, बिजयनगर, सावर एवं सरवाड़ के लिए 10-10 तथा कादेड़ा एवं टांटोटी के लिए 5-5 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की अजमेर इकाई के सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. हिरल रावल द्वारा जिला मुख्यालय पर सीएचओ डॉ. के.के. सोनी को 50 ऑक्सीजन कन्सनेट्रेटर सुपुर्द किए गए। इन्हें ब्यावर, किशनगढ़, पुष्कर, नसीराबाद एवं बिजयनगर चिकित्सालयों को प्रदान किया जाएगा। केकड़ी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित चिकित्सालयों के 50 ऑक्सीजन कन्सनेट्रेटर राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.सी. जैन ने प्राप्त किए।

जेएलएन पर घटेगा दबाव

इन ऑक्सीजन कन्सनेट्रेटर के कार्य आरम्भ करने से जिला मुख्यालय के अतिरिक्त 10 स्थानों पर भी ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को उनके निवास स्थान के पास के चिकित्सा केन्द्र में ऑक्सीजनयुक्त बैड उपलब्ध होने से शीघ्र ही उपचार आरम्भ करने में आसानी रहेगी। ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर उपलब्ध होने से मरीजों को जिला मुख्यालय तक लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही जेएलएन अस्पताल पर मरीजों का भार भी कम होगा।