तौकते चक्रवात को लेकर गुजरात के सभी बंदरगाहों पर दो नंबर का सिग्नल

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Published: 16 May 2021, 10:24 PM IST

आस से कल तक गुजरात के तटों पर टकराने की आशंका

अहमदाबाद. अरब सागर में पनपा भीषण चक्रवाती तौकते (ताउ ते ) रविवार सुबह पंजिम-गोवा से लगभग 120 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम तथा वेरावल (गुजरात) से 660 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व की ओर केन्द्रित था। सोमवार तक इसकी गति और तेज हो सकती है। जिस गति से यह चक्रवात चल रहा है उससे लगता है कि सोमवार शाम से मंगलवार सुबह तक यह गुजरात के तटों को पार करेगा।
मौसम विभाग के अनुसार गंभीर चक्रवात के असर से पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर 130 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटे या उससे भी अधिक गति से आंधी चल सकती है। गुजरात के अलावा इसका असर महाराष्ट्र व अन्य तटीय क्षेत्रों में होने की संभावना जताई जा रही है। जिस दिशा में यह चक्रवात बढ़ रहा है
उसके आधार पर गुजरात तट के अलावा पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, भरूच, आणंद, दक्षिण अहमदाबाद, बोटाद, सुरेंद्रनगर जिलों में भी 90 से 100 किलो मीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चल सकती हैं। साथ ही देवभूमि द्वारका, जामनगर, राजकोट, मोरबी जिले में मंगलवार को आंधी की आशंका है। इनके अलावा साथ ही वलसाड, दादरा, नगर हवेली, दमन, नवसारी, सूरत, खेड़ा जिलों जिलों में तेज आंधी चल सकती है।
तौकते के कारण रविवार से ही समुद्र की हलचलें तेज हो गईं हैं। ऊंची लहरों का सिलसिला मंगलवार तक चलेगा। जिससे गुजरात और दक्षिण गुजरात के समुद्रतीटय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे समुद्र में हैं उन्हें तत्काल बुलाने की भी आदेश जारी किए गए हैं।

20 गांवों के लोगों को स्थानान्तरण की तैयारी

राजकोट. अरब महासागर में पनपे तौकते ( tauktae cyclone) चक्रवात के के चलते अमरेली समुद्र किनारे गंभीर असर होने की आंशका है। जिससे प्रशान अलर्ट मोड परहै। जिले के निचले स्थलों पर बसे लगभग बीस गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थलों पर ले जाने की तैयारी जताई गई है। रविवार को राहत बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम जाफरावाद पहुंच गई है। जाफरावाद समेत कई बंदरगाहों पर चक्रवात को ध्यान में रखकर दो नंबर का सिग्नल दर्शाया जा रहा है। चक्रवात के असर से समुद्र में ऊंची लहरों का सिलसिला शुरू हो गया है। चक्रवात को लेकर पहले से ही मछुआरों को वापस आने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिससे रविवार को यहां 250 से अधिक बोट वापस आ गईं हैं। इसके अलावा अन्य बोट वापस बुलाई जा रही हैं। राजूला और जाफरावाद के समुद्रतटीय क्षेत्रों के आसपास के लगभग बीस गांवों के नागरिकों को स्थानान्तरण की तैयारी की जा रही है। इन गांवों में शियालबेट, वाराह स्वरूप, भाकोंदर, धाराबंदर, चांचबंदर मोतियाला, वांढ, वढेरा गांव भी शामिल हैं। एनडीआरएफ के 65 जवानों का एक दल रविवार को जाफरावाद पहुंचा है। इसके अलावा और एक टीम यहां बुलाई जा रही है। इस चक्रवात को लेकर अमरेली जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।