वडोदरा के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में शिशु सदन

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Updated: 25 Jul 2021, 11:36 PM IST

ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों को उपचार, पौष्टिक आहार, खिलौने, झूले समेत घर सरीखा मिलेगा माहौल

22 महिला प्रशिक्षु हैं बच्चों की मां, 8 के बहुत छोटे बच्चों की देखभाल करना होगा आसान

वडोदरा. वडोदरा के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में शिशु सदन की शुरुआत की गई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आशीष भाटिया की पत्नी शितु भाटिया ने यहां पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए शिशुसदन या पालना घर (घोडिया घर) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीजीपी भाटिया, पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) विकास सहाय, शहर पुलिस आयुक्त डॉ. शमशेर सिंह, सहाय की पत्नी औऱ सिंह की पत्नी भी मौजूद थीं।
वर्तमान में पुलिस सहित अन्य विभागों और क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान उल्लेेखनीय है। सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ कॅरियर सहित कई पहलुओं पर महिलाएं योगदान दे रही हैं। पुलिस विभाग में भी महिला कर्मचारियों की संख्या में क्रमिक वृद्धि देखी गई है।
वडोदरा स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के महिला बैरक में शिशुसदन शुरू किया गया है। ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों के बच्चों को उपचार, पौष्टिक आहार, खिलौने, झूले समेत घर सरीखा माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह शुरुआत की गई है। इस कारण महिला पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण और कर्तव्य के हिस्से के रूप में जाने और मां का कर्तव्य भी पूरा करने के लिए बच्चे की चिंता किए बिना ड्यूटी पूरी करने की सुविधा मिलेगी।
प्रशिक्षण के तहत महिला प्रशिक्षुओं को आउटडोर और इनडोर प्रशिक्षण दिया जाता है, जो ज्यादातर दिन के समय होता है, उस दौरान शिशु सदन में बच्चों की देखभाल की व्यवस्था की गई है। यहां झूलों, बच्चों के लिए विभिन्न खिलौनों, के अलावा दीवारों को रंगीन चित्रों से सजाया गया है।

पुलिस कल्याण कोष से 2 लाख रुपए की अनुमानित लागत से निर्माण

शिशु सदन का निर्माण मुख्य रूप से पुलिस कल्याण कोष से 2 लाख रुपए की अनुमानित लागत से किया गया है। भारत सरकार की योजना के तहत ऐसे शिशु सदन बनाए जा रहे हैं जहां अधिक महिला कर्मचारी और अधिक बच्चे हैं। इसके तहत पुलिस विभाग में आवश्यकता के अनुसार स्थलों पर शिशु सदन शुरू करने के लिए महिला व बाल विभाग से परामर्श किया गया है।
33 प्रतिशत महिला आरक्षण होने से पुलिस बल में महिलाओं की संख्या में वृद्धि के साथ ही थानों में शुरू किया जा रहा चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर भी महिला पुलिसकर्मियों के लिए अपने बच्चों की देखभाल और अपने कर्तव्यों का पालन करने में उपयोगी साबित होंगे।
वर्तमान में वडोदरा के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में 44 महिलाओं सहित कुल 71 सशस्त्र लोक रक्षक प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिनमें से 22 महिला प्रशिक्षु बच्चों की मां भी हैं। गुजरात पुलिस में बुनियादी प्रशिक्षण ले रही आठ महिलाएं संस्थान में बुनियादी प्रशिक्षण के तहत ड्यूटी पर हैं, इनके बच्चे बहुत छोटे हैं। शिशु सदन में बच्चों की देखभाल करना आसान होगा। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य व उप महा निरीक्षक एम.एस. भाभोर सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे।