मशाल और तलवार बाजी के बीच अनूठी उपासना

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Published: 14 Oct 2018, 11:02 PM IST

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जामनगर शहर के रणजीतनगर में श्रद्धालु अनूठे ढंग से नवरात्रि की उपासना में मगन है। यहां के पटेल युवक गरबी मंडल के बैनर तले होने वाले गरबी के आयोजन में लोग मशाल और तलवार लिए गरबी करते नजर आ रहे हैं जो आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है।

जामनगर. शहर के रणजीतनगर में श्रद्धालु अनूठे ढंग से नवरात्रि की उपासना में मगन है। यहां के पटेल युवक गरबी मंडल के बैनर तले होने वाले गरबी के आयोजन में लोग मशाल और तलवार लिए गरबी करते नजर आ रहे हैं जो आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है।
रणजीतनगर में वर्ष १९५७ में शुरू हुई गरबी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। आयोजन में 'मशाल लइने रमवा निकल्या रे, शिवाजी को निदरू न आवे माता जीजीबाई झुलावे, सा बसेरनू मारू दातरडू रे लोल, कृष्ण भववान हाल्या द्वारका ने रास जैसे लोकगीतों पर मशाल लिए श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। तीन ग्रुपों में बंटे खेलेयाओं ने मशाल रास कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गरबी मंडल में तलवारबाजी की भी झलक देखी जाती है। तलवार के साथ रास करते युवा मानो युद्धाभ्यास कर रहे हैं। नवरात्रि के नौ दिन इस तरह के आयोजन होते हैं जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।