भारत का सबसे बड़ा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनेगा गुजरात में

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Published: 22 Jan 2021, 09:40 PM IST

Logistic park, Gujarat government, SEZ, MOU, air cargo terminal : राज्य सरकार व अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के बीच समझौता, 25 हजार को मिलेगा प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर रोजगार

 

गांधीनगर. भारत का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क गुजरात के अहमदाबाद में बनेगा, जो साणंद में ऑटोमोबाइल हब के निकट विरोचननगर में होगा। राज्य सरकार के उद्योग और खनन विभाग ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के साथ विरोचननगर में 1450 एकड में 50 हजार करोड़ रुपए की संभवित लागत से बनने वाले लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए करार ( एमओयू) है। इस पार्क के जरिए 25 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्षतौर पर रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मौजूदगी में मुख्य मंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उद्योग -खनन विभाग के सचिव एम.के. दास और अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण अदाणी ने हस्तक्षर किए। यह पार्क डेडिकेटेड कोरिडोर एवं गुजरात के सभी बंदरगाहों के साथ जुडऩे वाला अत्याधुनिक सुविधा वाला पार्क होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारतÓ के विजन के अनुरूप इस प्रोजेक्ट से राज्य के लॉजिस्टिक खर्च में काफी कमी आएगी।

एयर कार्गो टर्मिनल में 4.6 किलोमीटर लम्बा होगा रन वे
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.के. दास विस्तृत जानकारी देते कहा कि इस पार्क में एयर कार्गो टर्मिनल बनेगा, जिसमें 4.6 किलोमीटर लम्बा रन -वे होगा। इसके चलते बड़े मालवाहक विमान या हवाईजहाज हैण्डल किए जा सकेंगे। इसके जरिए स्थानीय और एक्सपोर्ट मार्केट से कनेक्टीविटी मिलेगी। इस पार्क में रेल फ्रेट टर्मिनल भी होगा, जिसका दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कोरिडोर प्रोजेक्ट के तौर पर डेडिकेटेड फ्रेंट कोरिडोर से सीधी कनेक्टीविटी होगी। 90 लाख वर्गमीटर में वेयर हाउस जोन विकसित होंगे, जो एयर फ्रेंट स्टेशन (4.5 मेट्रिक टन), ग्रे वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज समेत सुविधाओं से सुसज्जित होगा। वहीं 3 लाख वर्गफीट में बिजनेस सेन्टर एवं लॉजिस्टिक क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव बल के लिए अलग से कौशल विकास सेन्टर भी स्थापित किया जाएगा।

प्रोजेक्ट तीन वर्ष में होगा पूर्ण

इस पार्क के स्थापना को लेकर सभी जरूरी कानूनी मंजूरी मिलने के बाद छह माह में निर्माण प्रारंभ हो जाएगा जो अलग-अलग चरणों में तीन वर्ष में पूर्ण किया जाएगा। पार्क में स्थापित होने वाले वेयर हाउस में 38 लाख वर्गफीट में टेक्सटाइल, बल्क, ई-कॉमर्स समेत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।साथ ही 9 लाख वर्गफीट में बॉण्डेड वेयर हाउस, 3.3 लाख क्षमता वाले कन्टेनर यार्ड में चार हैण्डलिंग लाइन के साथ ट्वेन्टी फुट इक्वीवेलन्ट्स (टीईयू) होंगे। साथ ही अन्य कार्गो हैण्डलिंग में स्टील कार्गो यार्ड 4 लाख मेट्रिक टन, तीस हजार कार की क्षमता वाला यार्ड समेत सुविधाएं विकसित होंगी।