अस्पताल में बेड के लिए घंटों भटकीं BJP MLA की पत्नी, विधायक बोले- आम जनता का क्या होगा

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Published: 09 May 2021, 02:15 PM IST

फिरोजाबाद से आगरा इलाज के लिए आई थी विधायत पत्नी। कई बार डीएम को फोन करने पर मिल सका बेड। अब पत्नी का हालचाल तक नहीं पता लगा पा रहे विधायक।

आगरा। कोरोना काल (coronavirus) की इस लहर ने पूरे देश की स्वास्थय व्यवस्थाएं पूरी चरह से चौपट हो गई हैं। अस्पतालों में बेड (bed in hospital) और ऑक्सीजन (oxygen) की कमी के चलते लोगों को इलाज में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता ही नहीं बल्कि बड़े बड़े पदों पर तैनात लोग भी इस महामारी के दौरान परेशान हैं। आलम यह हो गया है कि भाजपा विधायक की पत्नी (bjp mla wife) को भी इलाज के लिए दर दर भटकना पड़ा। घंटों तक भटकने और शिफारिशों के बाद जाकर बेड उपलब्ध हो सका। वहीं यह मामला जनपद में आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बता दें कि फिरोजाबाद के जसराना से विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी और उनकी पत्नी संध्या लोधी दोनो ही कोरोना संक्रमित हो गए। पहले तो दोनों की इलाज फिरोजाबाद के ओम अस्पताल में चल रहा था, लेकिन अचानक ही संध्या लोधी की तबियत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने उनको आगरा के एसएन कालेज रेफर कर दिया। विधायक ने आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह को पूरा मामला बताया, जिसके बाद डीएम ने उनको सहायता का आश्वासन दिया। जिसके बाद भाजपा प्रतिनिधि के साथ संध्या लोधी आगरा के एसएनएमसी अस्पताल पहुंची। लेकिन वहां काफी देर बाद भी उनको बेड नहीं मिला। संध्या लोधी को सांस लेने में दिक्कत बढ़ी तो विधायक प्रतिनिधि ने विधायक को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने पुनः डीएम को फोन किया। घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें बेड मिल सका।

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विधायक का यह हाल, तो क्या होगा आम जनता का हाल

इस मामले में विधायक रामगोपाल लोधी ने बताया कि, जब मैं डीएम को फोन कर अपने लिए मदद मांग रहा हूं और हालात ऐसे हैं कि हमें भी घंटों भटकना पड़ रहा है और कोविड में बेड नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में आम जनता का क्या हाल होगा, जिसकी पहुंच अधिकारियों तक नहीं है। हम दोनों ही कोरोना संक्रमित थे, हम दोनों एक साथ भर्ती थे लेकिन शनिवार को मेरी छुट्टी हो गई लेकिन उनकी पत्नी की हालत में सुधार नहीं हुआ। जिसके चलते वो अस्पताल में भर्ती रही। आलम यह है कि उन्हें अपनी पत्नी की हालत कैसी है, इस बारे में भी मुझे कुछ पता नहीं चल पा रहा है। पहली लहर में वो लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे आए, सभी की मदद की लेकिन आज जब खुद उनकी पत्नी बीमार है तो उसको सही से उपचार नहीं मिल पा रहा है, विधायक होकर भी पत्नी के बारे में हालचाल नहीं पता कर पा रहा।