विकलांग किशोर को बचाने की कोशिश में अपराधी से भिड़ गई लड़की, स्कूल ने दिया हीरोइन का खिताब

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Updated: 06 Mar 2019, 03:52 PM IST

18 साल की ओक्ज़िनी ने एक संदिग्ध को 19 वर्षीय विकलांग को चाकू दिखाते हुए देखा। जब लड़की हमलावर से भिड़ी तो उसे अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा।

केप टाउन। मुइज़ेनबर्ग हाई स्कूल की मैट्रिक छात्र एक विकलांग किशोर को बचाने के लिए उसके साथ भिड़ गई। लेकिन इस कोशिश में खुद उसकी जान चली गई। 18 साल की जेनेट ओक्ज़िनी की पीठ पर अपराधी ने तीन बार वार किया था। एक गवाह के अनुसार 18 साल की जेनेट ओक्ज़िनी, 19 साल के विकलांग युवक को बचाने के लिए 23 साल के लड़के से भिड़ गई।

क्या है मामला

18 साल की ओक्ज़िनी ने एक संदिग्ध को 19 वर्षीय विकलांग को चाकू दिखाते हुए देखा। जब लड़की हमलावर से भिड़ी तो उसे अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि वह निहत्थे व्यक्ति पर हमला होते हुए नहीं देख पाई।जब हमलावर ने चाकू से उस पर वार करने की कोशिश की तो युवती ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन उसे चाकू लग गया और वह बुरी तरह घायल हो गई। लड़की को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। स्कूल में विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने स्कूल के प्रवेश द्वार पर फूल रखकर ओक्ज़िनी की बहादुरी का सम्मान किया।

स्कूल ने दिया हीरोइन का खिताब

प्रिंसिपल लियोनी जैकबसन ने कहा कि वे ओक्ज़िनी के लिए एक स्मारक की योजना बना रहे हैं । जैकबसन ने कहा कि ओक्सिनी ने हमेशा दूसरों के लिए चिंता दिखाई और अक्सर लोगों के लिए खड़ी हुई थी।स्कूल की गवर्निंग बॉडी चेयरपर्सन सिमोन बेकेस ने कहा कि ओक्ज़िनी अपनी सामाजिक परिस्थितियों से ऊपर उठने में सक्षम थी और उसने उज्ज्वल भविष्य के लिए नेतृत्व किया था। पुलिस प्रवक्ता एफसी वान विक ने कहा कि संदिग्ध हमलावर मंगलवार को अदालत में पेश हुआ। वान विक ने कहा, "23 वर्षीय संदिग्ध को उस रात गिरफ्तार किया गया थाऔर उसे मुज़ेनबर्ग मैजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था।"