विधानसभा चुनाव में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, अब मानदेय के लिए पुलिसकर्मी कर रहे इंतजार

By: Ram Prawesh Wishwakarma

Published On:
Feb, 11 2019 01:50 PM IST

  • चुनाव हुए बीत गए 2 महीने, आधे पुलिसकर्मियों का हुआ भुगतान आधे का रह गया है बाकी, पुलिसकर्मियों में आक्रोश

अंबिकापुर. विधानसभा चुनाव हुए 2 माह का समय गुजर गया है। चुनाव के बाद नयी सरकार ने शपथ ग्रहण कर प्रदेश की व्यवस्था भी संभाल ली है। लेकिन इन नेताओं व वोटरों को सुरक्षा व्यवस्था देने के साथ ही शांतिपूर्ण चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों को अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सका है। मानदेय भुगतान नहीं होने से पुलिस कर्मियों में आक्रोश है।


विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने अपनी जनघोषणा पत्र में पुलिस कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी। उन्हें पूरा करना तो दूर की बात, अब तक पुलिसकर्मियों को शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की गई ड्यूटी का मानदेय का भी भुगतान नहीं किया गया है। वहीं निर्वाचन आयोग अब लोकसभा चुनाव की तैयारी में भी जुट गया है।

इन सबके बीच विधानसभा चुनाव को शंातिपूर्ण संपन्न कराने में पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लेकिन बिना किसी विवाद के सरगुजा जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी व सुरक्षाबलों के जवानों को 2 महीने बीतने के बाद भी मानदेय नहीं मिला है।

ऐसे में कई पुलिसकर्मी आज भी चुनावी मानदेय मिलने का इंतजार कर रहे है। पुलिसकर्मियों में अबतक मानदेय नहीं मिलने से आक्रोश है। इधर जिला निर्वाचन आयोग का कहना है कि चुनाव में ड्यूटी कर चुके पुलिसकर्मियों का मानदेय बैंक खाते में डाला जा चुका है।


लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण है निष्पक्ष और शंातिपूर्ण चुनाव। इसके लिये जान जोखिम में डालकर मतदान कराने पुलिसकर्मी चुनावी ड्युटी में 24 घंटे तैनात रहते है लेकिन विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी इन पुलिस जवानों को जिला निर्वाचन आयोग अब नजर अंदाज कर रहा है।

20 नवंबर को प्रदेश के अधिकांश सीटों समेत सरगुजा जिले के 3 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ था। वहीं 11 दिसंबर को मतगणना हुई। जिले के तीनों विधानसभा में निष्पक्ष और शंातिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया संपन्न हो सके इसके लिये 3897 पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया गया था।

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2 हजार जिला पुलिस बल के जवानों और 1897 पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को सुरक्षा के लिये चुनाव ड्यूटी में लगाया गया था।

इसके लिये चुनाव आयोग ने एक निश्चित मादनेय तय किया था लेकिन चुनाव के 2 महीने गुजर जाने के बाद भी आधे से अधिक पुलिस के जवानों को मानदेय नहीं मिला है। जिला निर्वाचन आयोग की इस अनदेखी के चलते सुरक्षाकर्मियों में भारी आक्रोश है।


आधे से अधिक पुलिसकर्मियों का नहीं हुआ भुगतान
पुलिस जवानों के चुनावी मानदेय के संबंध में जब जिला निर्वाचन आयोग से जानकारी ली गई तो पाता चला कि 9 सौ रुपये के हिसाब से 1542 पुलिसकर्मियों का मानदेय उनके बैंक खाते में चुनाव आयोग ने जमा करा दिया है। वहीं चुनाव आयोग ने 154२ जवानों के खाते में 13,89,600 रुपये का भुगतान किया है।

जबकि पुलिस विभाग ने 3897 पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनाकर बैंक खाते के साथ जिला निर्वाचन आयोग को मानदेय भुगतान के लिये सौंपा था। बावजूद इसके जिला निर्वाचन ने मात्र 1542 पुलिसकर्मियों के मानदेय का भुगतान किया है। जबकि 2353 पुलिसकर्मी आज भी मानदेय मिलने का इंतजार कर रहे है।


बूथ में तैनात 2 जवानों के हिसाब से किया गया भुगतान
जिला निर्वाचन ने एक बूथ में तैनात 2 जवानों के हिसाब से मानदेय का भुगतान किया है। दरअसल तीनों विधानसभा सीट के लिये 771 बूथ पर मतदान हुआ था। सुरक्षा को देखते हुए प्रत्येक बूथ में 2 पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। निर्वाचन आयोग ने इसी आधार पर 771 बूथ में 154२ पुलिसकर्मियों के मानदेय का भुगतान किया है।

जबकि पुलिस विभाग ने संवेदनशील और अति संवेदनसील बूथ में 2 से अधिक जवानों को तैनात किए थे। इसके अलावा उडऩदस्ता की टीम, एसएसटी की टीम सहित चुनाव ड्यूटी में हजारों की संख्या में जवान तैनात थे, जिनका भुगतान लिस्ट में नाम ही नहीं है।


लिस्ट के आधार पर कर दिया गया है भुगतान
मानदेय अधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात जवानों को जो लिस्ट सौंपी गई थी। उसके आधार पर 1542 जवानों को मानदेय भुगतान उनके खातों में कर दिया गया है।
नयनतारा सिंह, निर्वाचन अधिकारी

Published On:
Feb, 11 2019 01:50 PM IST

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