Haryana: आखिर कैसे दोगुनी होगी किसानों की आय

By: Devkumar Singodiya

|

Published: 24 Aug 2019, 06:38 PM IST

Ambala, Ambala, Haryana, India

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार का ज्यादातर समय किसानों ( Farmers ) के हित में योजनाएं शुरू करने में बीत गया, लेकिन विभाग में कर्मचारियों व अधिकारियों की कमी को पूरा करने की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में मोदी सरकार ( Modi Government ) के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के दावों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बड़ा सवाल यह भी यह है कि जब सक्षम अधिकारी ही नहीं है तो फसल पैदावार, खराबा आदि की जानकारी देने वाले अधिकारियों के पद रिक्त हैं तो फिर बीमा कम्पनी से क्लेम किस आधार पर लिया जाए।

भारतीय किसान यूनियन ( Kissan Union ) के मीडिया प्रभारी एवं आरटीआई ( RTI ) कार्यकर्ता राकेश कुमार बैंस ने सूचना अधिकार में जानकारी मांगी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

आरटीआई में आए चौंकाने वाले जवाब

आरटीआई में हरियाणा ( Haryana ) में ब्लॉक स्तर पर कृषि विकास अधिकारियों व खंड कृषि अधिकारी के पदों की संख्या, जिम्मेदारी व कार्यों के बारे में जानकारी चाही थी।
जवाब में मिली सूचना में बताया कि कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) के 1070 में से 380 पद भरे हुए है जबकि 690 पद रिक्त हैं। खंड कृषि विकास अधिकारियों के 117 में से 101 पद भरे हुए है जबकि 16 पद खाली है। कृषि विकास अधिकारी व खंड कृषि अधिकारी का मुख्य कार्य सरकार योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाना है।

राकेश बैंस ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने का दावा करती है। प्रधानमंत्री ( Prime Minister ) फसल बीमा योजना का लाभ हरियाणा में किसानों को कैसे मिल रहा है जब क्राप कटिंग करके फसल की पैदावार बताने वाले अधिकारी ही पूरे नही है यही नहीं किसानों की फसल खराब की जांच किस अधिकारी दवारा की जाती है ओर रिपोर्ट सरकार को दी जाती है जिससे बीमा कंपनियों किसानों को क्लेम दे सके। कृषि विकास अधिकारियों व खंड कृषि अधिकारियों का पद पूरे भरे न होने से सभी सरकार की सभी योजनाओं की पूरी पोल खुल चुकी है की किस प्रकार प्रदेश सरकार किसानो को गुमराह कर रही है।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।