अलवर व दौसा के बीच फंसा इस क्षेत्र का विकास, विधायक अलवर का तो सांसद दौसा का, झेलनी पड़ रही यह परेशानी

By: Hiren Joshi

Updated On: Apr, 24 2019 05:56 PM IST

  • थानागाजी विधानसभा क्षेत्र अलवर जिले में आता है, वहीं इस क्षेत्र की लोकसभा सीट दौसा है, इस वजह से यहां विकास नहीं हो पा रहा है।

अलवर. अलवर जिले का विधानसभा क्षेत्र है थानागाजी, लेकिन बात जब लोकसभा चुनाव की आती है तो यह दौसा लोकसभा सीट में आता है। इसी वजह से इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है। परिसीमन में थानागाजी विधानसभा क्षेत्र दौसा लोकसभा क्षेत्र में क्या शामिल हुआ कि यहां के मतदाता अपने सांसद के लिए बेगाने हो गए। चुनाव के दौरान प्रत्याशी मतदाताओं के पास वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन चुने जाने के बाद वे अपने जिले तक सिमट कर रह जाते हैं। इसके चलते थानागाजी विधानसभा क्षेत्र को केन्द्र सरकार की योजनाओं का ज्यादा लाभ नहीं मिल पाया और विकास के पायदान पर वह पिछड़ गया है।

थानागाजी विधानसभा क्षेत्र वैसे तो अलवर जिले का हिस्सा है, लेकिन सांसद चुनता है दौसा का। दौसा लोकसभा क्षेत्र में भी थानागाजी अंतिम छोर पर होने से बाहरी क्षेत्र की छाप नहीं हटवा पाया। दौसा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों का भी इस क्षेत्र से लगाव केवल वोट लेने तक ही सीमित है। कई प्रत्याशी तो चुनाव के दौरान भी थानागाजी तक आने की जहमत नहीं करते।

क्षेत्र के विकास पर विपरीत असर

थानागाजी क्षेत्र आजादी के 72 साल बाद भी विकास की बाट जोह रहा है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो उन्हें चुनाव आने का पता रहता है और लेकिन जनप्रतिनिधि कौन चुना गया, यह सुनकर ही काम चलाना पड़ता है। फिर पांच साल उन जनप्रतिनिधि को देख पाना मुश्किल सा ही हो जाता है। चुनाव के दौरान नेता बड़े- बड़े वादे कर जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद इधर का रुख ही नहीं करते। एडवोकेट बनवारी लाल शर्मा कहते हैं कि अलवर लोकसभा में क्षेत्र में रहने तक विकास के साथ ही जनप्रतिनिधियों से मिलना भी होता था। दौसा लोकसभा क्षेत्र में जुडऩे के बाद न तो जन-प्रतिनिधि से पहचान होती और न ही किसी समस्या का समाधान होता। छात्रा रजनी कुमारी का कहना है कि महिला कॉलेज के लिए समय-समय पर मांग उठाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। नेता चुनावों के समय आश्वासन देकर चले जाते हैं। भोजराज शर्मा कहते हैं कि जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित थानागाजी का सीएचसी से रैफरल अस्पताल में क्रमोन्नत नहीं हो पाया। सीएचसी में चिकित्सकों की पूरी नियुक्ति नहीं है। प्रसव सुविधाएं भी आधी-अधूरी हैं। पप्पू राम गुर्जर हींसला का कहना है कि थानागाजी क्षेत्र की मुख्य मांग कृषि उपज मण्डी की है। थानागाजी के पन्ना लाल का कहना है कि सरिस्का अभयारण्य से सटा होने के कारण थानागाजी की पहचान है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने विकास के प्रयास नहीं किए। सोहनलाल शर्मा ढिगारिया का कहना है कि जन प्रतिनिधि चुनावों की तरह क्षेत्र के लोगों की जरूरतों का ध्यान रखें तो विकास को पंख लग सकते हैं।

थानागाजी विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता- 198633
पुरुष मतदाता- 106630
महिला मतदाता- 92003
मतदान केन्द्र- 230

थानागाजी के मुख्य मुद्दे

1. महिला कॉलेज की स्थापना।
2. कृषि उपज मंडी का निर्माण।
3. आद्योगिक विकास की दरकार।
4. पेयजल योजना।
5. रोजगार के लिए उद्योगों की स्थापना।
6. सरिस्का अभयारण्य में क्षेत्रीय लोगों को रोजगार दिलाने।
7. रैफरल अस्पताल की स्वीकृति।
8. अवैध खनन पर रोक।

Published On:
Apr, 24 2019 05:56 PM IST

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