21वीं सदी में भी सडक़ से वंचित सपेराबास के लोग

By: Shyam Sunder Sharma

Updated On:
10 Sep 2019, 06:13:15 PM IST

  • विडंबना : आठ सौ से ज्यादा आबादी

अलवर. लक्ष्मणगढ़ कस्बे से मात्र पांच किलोमीटर दूरी पर स्थित सपेराबास गांव के ग्रामीण सडक़ से वंचित है।
जानकारी के अनुसार लक्ष्मणगढ़-गढ़ीसवाईराम स्टेट हाईवे सडक़ से मात्र चार किलोमीटर दूर स्थित लगभग ढ़ाई सौ घरों की आबादी वाले गांव सपेरा बास की आबादी लगभग आठ सौ है। गांव के सभी परिवार सपेरा जाति से ताल्लुक रखते है। लेकिन आज तक यह गांव सडक़ से वंचित है। मुख्य सडक़ से गांव जाने के लिए दशकों पुरानी कच्ची सडक़ है। कच्ची सडक़ में भी गहरे गहरे गड्ढ़े बने हुए है। हालत यह है कि इस सडक़ से चौपहिया वाहन तो बड़ी बात बाइक भी बड़ी मुश्किल से निकल पाती है। जिससे ग्रामीणों को गांव आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव के कमलनाथ सपेरा ने बताया कि बारिश के समय में गांव के हालत और ज्यादा खराब हो जाते है। सडक़ में बने गड्ढो में पानी भरने के कारण एक तरह ग्रामीण गांव के अन्दर ही कैद हो जाते है।

सडक़ सुविधा न होना गांव के कई सैकड़ों लोगों के लिए भारी समस्या का सबब बन चुका है। गांव में आपातकाल या किसी व्यक्ति या महिला की तबियत खराब होनें पर एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे ग्रामीण गर्भवती महिला व बीमार व्यक्ति को चारपाई की पालकी बनाकर पैदल चलकर उसे मुख्य सडक़ तक लेकर आते है। तब जाकर अस्पताल पहुंचते है और पीडि़त का उपचार करवाते है। ऐसा नहीं है के सपेराबास के ग्रामीणा ने जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायक, जिला कलक्टर, एसडीएम, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवगत नहीं करवाया। लेकिन आज तक कि सी ने भी गांव की समस्या की और कोई ध्यान नहीं दिया।

सिर्फ चुनाव में ही आते जनप्रतिनिधि

गांव में कच्ची सडक़ होने के कारण ना तो अधिकारी और ना ही जनप्रतिनिधि समस्या सुनने के लिए आते हैं।। जनप्रतिनिधि भी सिर्फ चुनाव के समय में ही गांव आते हैं। चुनाव बीतने के बाद गांव की समस्या की और कोई ध्यान नहीं देते।

Updated On:
10 Sep 2019, 06:13:15 PM IST

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