बरसात आई,रोडवेज के लिए नुकसान लाई

By: Suresh Bharti

Updated On:
11 Jul 2019, 01:51:03 AM IST

  • बारिश में यात्रीभार घटने से राजस्व का नुकसान, पहले से ही परिचालकों की कमी से जूझ रहा महकमा, बस सारथी योजना भी तोड़ रही है दम

अजमेर.

बारिश का मौसम राजस्थान राज्य पथ परिवहन विभाग के लिए घाटे का सौदा साबित होता है। इस अवधि में लोग यात्रा करने से कतराते हैं। फिर विवाह समारोह या कोई बड़ा आयोजन भी नहीं होता। सावन-भादव माह में कावड़ यात्रा, पदयात्रा व अन्य आयोजन में अधिक रहते हैं। इसके चलते रोडवेज बसों में यात्री भार कम होना स्वाभाविक है।

अजमेर जिले के ब्यावर आगार को इसी का नुकसान हो रहा है। रोडवेज विभाग में परिचालकों की पहले ही कमी है। बरसाती सीजन में घटने वाली आय के चलते रोडवेज बस सारथी बनने में बेरोजगार रूचि नहीं दिखा रहे। यही वजह है कि पिछले माह जहां पांच बस सारथी थे।

इस बार इनकी संख्या केवल दो ही रह गई है। बेरोजगारों का मानना है कि बरसात के सीजन में यात्री भार कम हो जाता है। ऐसे में रोडवेज की ओर से आवंटित लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होता है।

गौरतलब है कि रोडवेज में परिचालकों की कमी को पूरा करने के लिए पिछले साल बस सारथी योजना में संशोधन कर शुरू किया। इसके तहत बस सारथी को न केवल ज्यादा मेहनताना तय किया बल्कि ज्यादा यात्री भार वाली बसें भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

मासिक प्रतिफल भी 8 हजार 100 रुपए से बढ़ाकर 11 हजार रुपए कर दिया गया। यह राशि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आय लाने पर दिए जाने का प्रावधान है। योजना में डीलक्स, वातानुकूलित और वोल्वो बसों को छोडक़र आगार में संचालित भी बसें बस सारथी को आवंटित की जा सकेगी।

बस सारथी अधिकृत होगा

बस सारथी बस में यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट जारी करने तथा चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सहायता करने वाला रोडवेज की ओर से अधिकृत व्यक्ति होगा, जिसके पास परिचालक का वैध लाइसेंस एवं बैज हो। बस सारथी के आवेदक को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सैकंडरी या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी होगा। उसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम 55 वर्ष हो। कोई आपराधिक प्रकरण लम्बित नहीं हो।

बस सारथी से करार करने से पूर्व समिति की अभिशंसा करानी होगी। निर्णय के लिए प्रबन्धक वित्त की सहमति जरूरी होगी। समिति में अध्यक्ष मुख्य प्रबन्धक और सदस्य सचिव प्रबन्धक वित्त होंगे। प्रबंधक यातायात, प्रबंधक संचालन व प्रबंधक प्रशासन सदस्य हैं। इस बढ़ोतरी व सुविधा के बाद सारथी बनने में रूचि दिखाई, लेकिन अब फिर से कमी के हालात हो गए हैं। वर्तमान में यहां करीब सत्ताइस परिचालक कम हैं।

Updated On:
11 Jul 2019, 01:51:03 AM IST

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