आरएसएस की नजरों में घुसपैठ से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा

By: Suresh Bharti

Updated On:
11 Sep 2019, 06:01:01 AM IST

  • - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक का समापन, संघ प्रमुख मोहन भागवत की पश्चिम बंगाल के राज्यपाल धनखड़ से मुलाकात, पूर्वात्तर राज्यों में घुसपैठ,तस्करी,माओवाद सहित अन्य समस्याएं चुनौती

अजमेर. देश में घुसपैठियों को लेकर भी राजनीति की जाती रही है। कुछ सियासी पार्टियां इन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकती आ रही हैं। इसलिए कई नेता इनको भारत से बाहर निकालने का विरोध करने से भी नहीं चूक रहे।

दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साफ मत है कि घुसपैठियों से देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। ऐसे लोग देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। भारतीय नागरिकों के अधिकारों और हक में बाधक बन रहे हैं।

साथ में अलगाव के बीज बोने से भविष्य में देश की एकता और अखंडता को खतरा बनेंगे। पूर्वात्तर राज्यों में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है। संघ की बैठक में दशकों से पश्चिम बंगाल में स्वंयसेवकों और इस साल भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के बढ़ते मामले पर चिंता जताई गई।

पश्चिम बंगाल का बनाया केन्द्र

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पूर्वोत्तर सीमा पार से हो रही घुसपैठ एवं तस्करी रोकने के लिए रणनीति की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए प्रमुख केन्द्र पश्चिमी बंगाल को रखा गया है। पूर्वोत्तर सीमा पर पश्चिमी बंगाल से सटी सीमा पर विशेष चौकसी के साथ सरकार के प्रयासों को लेकर मंथन कर लिया गया है। पुष्कर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की करीब डेढ़ घंटे से अधिक मुलाकात के बाद राजनीतिक हल्कों में भी यही चर्चा है।

विशेष योजना पर होगा अमल

पुष्कर के माहेश्वरी सदन में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, तस्करी के साथ नक्सलवाद, माओवाद पर नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है। वहीं बैठक समाप्ति के बाद सबसे पहले संघ प्रमुख भागवत के साथ पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल धनखड़ की मुलाकात के मायने साफ हैं।

करीब पौने तीन घंटे तक माहेश्वरी सदन में राज्यपाल धनखड़ मौजूद रहे। उनकी संघ प्रमुख भागवत से मुलाकात के साथ लंच भी उनके साथ किया गया। इस दौरान संघ के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी उपस्थित रहे।

घुसपैठ रोकने में जागरुकता जरूरी

संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय स्पष्ट कर चुके हैं कि नेपाल के मार्ग होते हुए सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ, तस्करी (मादक पदार्थ के साथ नकली नोट) बढ़ रही है। इन्हें रोकने के लिए संघ के सभी संगठनों की ओर से आमजन में जागरूकता के साथ प्रयास किए जाएंगे। सरकार अपना काम कर रही है।

बंगाल में भाजपा सरकार बनाना लक्ष्य

पश्चिमी बंगाल में वर्ष २०२१ में विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां राष्ट्रवादी पार्टी के तौर पर संघ का लक्ष्य तय है। यहां भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। यहां तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी की वर्तमान में सरकार है। यहां संघ कार्यकर्ताओं व राष्ट्रवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की १०० से अधिक हत्या का आंकड़ा भी देशभर में सर्वाधिक है।

घुसपैठ मामले में दूसरा बड़ा राज्य

जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ के बाद दूसरा राज्य पश्चिमी बंगाल सबसे अधिक प्रभावित है। यहां नेपाल, चाइना, भूटान, वर्मा मार्ग से घुसपैठ, तस्करी के मामले अधिक हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद ३७० व ३५ ए हटाने के बाद केन्द्र सरकार ने एक्शन लिया है। अब पश्चिमी बंगाल से सटी सीमा पर चौकसी चुनौती है।

Updated On:
11 Sep 2019, 06:01:01 AM IST

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