Masuda Diet Ajmer-आठवीं बोर्ड में आयु सीमा बढ़ाई, विद्यार्थियों को राहत

By: Baljeet Singh

Published On:
Jul, 11 2019 08:55 PM IST

  • प्रारंभिक शिक्षा निदेशक राजस्थान ने जारी किए शिथिलता के निर्देश, कक्षा 8 में आरटीई के नियमों के तहत निर्धारित आयु सीमा में ही विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न करा

मसूदा (अजमेर). जिले में मसूदा डाइट (Masuda Diet) की ओर से आयोजित होने वाली आठवीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष आयु सीमा बढ़ाने से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

मसूदा डाइट की ओर से संचालित होने वाली आठवीं बोर्ड परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों की आयु सीमा 16 वर्ष निर्धारित थी। इससे जिलेभर में कई विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा से वंचित रहने की नौबत आ गई थी। इसे लेकर इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के नियमों में संशोधन किया गया है। निर्देश जारी किए हैं कि प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा 2019 के लिए आवेदन करने की आयु सीमा में शिथिलता बरती गई है। इसमें बोर्ड परीक्षा 2019 में ऑनलाइन आवेदन के लिए 16 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों के लिए सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के लिए आयु सीमा में शासन द्वारा छूट की अनुमति दी गई है। साथ ही सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आगामी वर्षों में कक्षा 8 में आरटीई (RTE) के नियमों के तहत निर्धारित आयु सीमा में ही विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न कराएं।

 


16 वर्ष से अधिक आयु पर देनी होगी 10वी बोर्ड की परीक्षा

जिलेभर में होने वाली प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र को लेकर इस वर्ष आयु बढ़ाई गई है। लेकिन आगामी वर्षों में निर्धारित आयु सीमा से अधिक आयु वाले विद्यार्थियों को कक्षा 8 में शिक्षण करने के बाद भी आठवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। आयु सीमा अधिक होने वाले विद्यार्थियों को साक्षर भारत योजना (Sakshar Bharat Yojna) के तहत संचालित परीक्षा या ओपन स्कूल (open school) द्वारा संचालित कक्षा 10वीं की परीक्षा स्वयंपाठी परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित होना होगा, जिसे लेकर संस्था प्रधानों को आदेश जारी किए गए हैं।

 


स्वयंपाठी विद्यार्थियों के लिए 8वीं बोर्ड में नियम नहीं

मसूदा डाइट की ओर से संचालित जिला स्तरीय आठवीं बोर्ड परीक्षा को लेकर प्राइवेट विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है। इस बोर्ड परीक्षा में मात्र ऐसे ही विद्यार्थी शामिल किए जाते हैं जो सरकारी व निजी विद्यालयों में अध्ययनरत है। इसके चलते निर्धारित आयु सीमा से अधिक आयु वाले छोटी कक्षाओं में अध्ययनरत होने से उनके बोर्ड परीक्षा में आगामी वर्षों में शामिल होने का सपना समाप्त होने लगा है। साथ ही प्राइवेट विद्यार्थियों को लेकर कोई नियम नहीं होने से ऐसे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

 

Published On:
Jul, 11 2019 08:55 PM IST

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