पूर्वोत्तर सीमा पार से हो रही घुसपैठ रोकने की रणनीति

By: Chandra Prakash Joshi

Updated On:
11 Sep 2019, 02:19:32 PM IST

  • -पहला लक्ष्य पश्चिम बंगाल (West Bengal), संघ प्रमुख मोहन भागवत की पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात
    -इसलिए सबसे पहले पश्चिम बंगाल पर नजर
    -क्योंकि संघ ने पश्चिमी बंगाल में सर्वाधिक कार्यकर्ता (Worker)खोए हैं, पिछले सालों में अब तक 100 से अधिक संघ व भाजपा (Bjp) कार्यकर्ताओं की हत्या प. बंगाल में हुई, जम्मू कश्मीर के बाद सबसे मुश्किल राज्य प. बंगाल है

चन्द्र प्रकाश जोशी

अजमेर (Ajmer). राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से पूर्वोत्तर सीमा(Border) पार से हो रही घुसपैठ एवं तस्करी को रोकने के लिए रणनीति की तैयारी प्रारंभ कर ली गई है। इसके लिए प्रमुख केन्द्र पश्चिमी बंगाल को रखा गया है। पूर्वोत्तर सीमा पर पश्चिमी बंगाल (West bengal)से सटी सीमा पर विशेष चौकसी के साथ सरकार के प्रयासों को लेकर मंथन कर लिया गया है। पुष्कर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की करीब डेढ़ घंटे से अधिक की मुलाकात की राजनीतिक हल्कों में भी यह चर्चा है।
पुष्कर (Pushkar) के माहेश्वरी सदन में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, तस्करी के साथ नक्सलवाद, माओवाद पर नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है। वहीं बैठक समाप्ति के बाद सबसे पहले संघ प्रमुख भागवत के साथ पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की मुलाकात के मायने साफ हैं। करीब पौने तीन घंटे तक माहेश्वरी सदन में राज्यपाल धनखड़ मौजूद रहे। उनकी संघ प्रमुख भागवत से मुलाकात के साथ लंच भी उनके साथ किया गया। इस दौरान संघ के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी उपस्थित रहे।

संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय कर चुके हैं स्पष्ट

संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय स्पष्ट कर चुके हैं कि नेपाल के मार्ग होते हुए सीमावर्ती राज्यों में घुसपैठ, तस्करी (मादक पदार्थ के साथ नकली नोट) बढ़ रही है। इन्हें रोकने के लिए संघ के सभी संगठनों की ओर से आमजन में जागरूकता के साथ प्रयास किए जाएंगे। सरकार अपना काम कर रही है।

यह है लक्ष्य

पश्चिमी बंगाल (West Bengal)में वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां राष्ट्रवादी पार्टी के तौर पर संघ का लक्ष्य तय है। यहां भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। यहां तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी की वर्तमान में सरकार है। यहां संघ कार्यकर्ताओं व राष्ट्रवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की 100 से अधिक हत्या का आंकड़ा भी देशभर में सर्वाधिक है। जम्मू कश्मीर के बाद मुश्किल राज्य जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ के बाद दूसरा राज्य पश्चिमी बंगाल सबसे अधिक प्रभावित है। यहां नेपाल, चाइना, भूटान, वर्मा मार्ग से घुसपैठ, तस्करी के मामले अधिक हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाने के बाद केन्द्र सरकार ने एक्शन लिया है। अब पश्चिमी बंगाल से सटी सीमा पर चौकसी चुनौति है।

Updated On:
11 Sep 2019, 02:19:32 PM IST

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