अफोर्डेबल हाउसिंग योजना :निर्माण कार्य पूरा न आदेशों की परवाह

By: bhupendra singh

Updated On:
11 Sep 2019, 06:04:04 AM IST

  • अधूरे आवास निर्माण पर सरकार करेगी निर्णय

    240 आवासों का निर्माण नहीं हुआ पूरा

    निर्माण में 6 साल की देरी

अजमेर. ब्यावर रोड तबीजी स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण (ada) की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना (Affordable housing Plan:) में आवास निर्माण कार्य (construction work) पूरा करने में ढिलाई बरत रही निर्माण कम्पनी के खिलाफ अब सरकार निर्णय लेगी। प्राधिकरण के अनुसार कम्पनी न तो निर्माण कार्य पूरा कर रही है और न ही एडीए के आदेशों को ही मान रही है। प्राधिकरण जहां कम्पनी को पहले निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कहा चुका है वहीं कम्पनी अपना बकाया भुगतान लेने पर अड़ी हुई है। निर्धारित समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं करने पर कम्पनी पर अप्रेल 2019 से प्रतिदिन 4700 रुपए का जुर्माना भी लग रहा है। प्राधिकरण ने कम्पनी को तीन माह की मोहलत भी दी थी जो जून में पूरी हो गई इसके बावजूद कम्पनी ने अधूरे आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखाई है। प्राधिकरण ने अब मामले को सरकार को भेजने की तैयारी में है। वहीं इस योजना में आवास के लिए राशि जमा करवा चुके आवंटी आवास का कब्जा लेने के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कब्जा कब मिलेगा यह कोई बताने वाला नहीं है। परेशान आवंटी सम्पर्क पोर्टल सहित अन्य जगहों पर शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं।

आवंटी लगा रहे चक्कर, हो रही शिकायतें

अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत आवास निर्माण का ठेका कम्पनी गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को 15 सितम्बर 2011 को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 240, एलआईजी के 192 तथा एमआई श्रेणी के104 सहित कुल 536 आवास का निर्माण करने के लिए 2024 लाख रुपए में दिया गया था। निर्माण 19 सितम्बर 2014 को पूरा होना था लेकिन अभी भी 240 आवासों का निर्माण कार्य शेष है। प्राधिकरण के अनुसार योजना में आंतरिक आधारभूत विकास निर्माण कम्पनी की जिम्मेदारी है लेकिन यह अधूरा है। निर्माणकार्य में गुणवत्ता का अभाव है।

एडीए दे चुका अधिक भुगतान

प्राधिकरण निर्माण कम्पनी को 2024 लाख रुपए में से 1763.92 लाख रुपए का भुगतान कर चुका है यह कुल भुगतान का 87.15 प्रतिशत है। शेष 15 प्रतिशत राशि का भुगतान आवास निर्माण पूरा होने तथा प्राधिकरण को हैंडओवर किए जाने के बाद होना था। लेकिन निर्माण कम्पनी 55.821 लाख रुपए का बकाया भुगतान मांग रही है। वहीं प्राधिकरण के अनुसार कम्पनी को 43 लाख रुपए अधिक दिए जा चुके हैं। इसे भी लौटाया जाए।

इनका कहना है
निर्माण कम्पनी को शेष निर्माण पूरा करने, आंतरिक विकास करने के लिए कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। पेनाल्टी लगाने के साथ,समझाइस भी कर चुके हैं। अब इस मामले को सरकार के समक्ष निर्णय के लिए रखा जा रहा है।

-निशांत जैन, आयुक्त एडीए

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11 Sep 2019, 06:04:04 AM IST

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