यदि रहना है निरोगए तो खाएं फाॅलिक एसिड रोज

By: Bhanu Pratap

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Published: 31 Jan 2016, 11:57 AM IST

Agra, Uttar Pradesh, India

AAgra. यदि आपको निरोग रहना है तो फाॅलिक एसिड खाएं। वैसे तो यह विभिन्न हरी सब्जियों में पाया जाता है, लेकिन इसकी टेबलेट भी आती हैं। जो बेहद सस्ती होती हैं। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. नरेन्द्र मल्होत्रा का कहना है कि हर किशोरी को यह टेबलेट 15 साल की आयु पूरी करने के बाद लेना शुरू कर देनी चाहिए या फिर गर्भवस्था से ठीक छह माह पूर्व यह टेबलेट रेगूलर कर दें। इससे शरीर को तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु को भी लाभ मिलेगा।

जागरुक होने की जरूरत

डाॅ. नरेन्द्र मल्होत्रा ने बताया कि पहले जिस तरह आॅयोडीन की कमी से घेंघा रोग का प्रकोप फेल रहा था, वैसे ही अब फाॅलिक की कमी आमूमन पाई जा रही है। इसके लिए जागरुक होने की जरूरत है।इसके सेवन से 40 फीसद तक युवतियों और महिलाओं के शरीर में होने वाली विभिन्न समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। इसका रेगूलर सेवन से बहुत लाभ मिलता है।

क्या है फॉलिक एसिड

फॉलिक एसिड एक बी विटामिन यविटामिन बी9 है। यह स्वाभाविक रूप से गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियों, संतरों, साबुत अनाज और दालों जैसे खाद्य पदार्थों में फोलेट के रूप में होता है। फॉलिक एसिड आपके अजन्मे शिशु में स्पाइना बिफिडा जैसे तंत्रिका ट्यूब दोष यन्यूरल ट्यूब डिफेक्ट को विकसित होने से बचाता है। फॉलिक एसिड अन्य जन्म दोषों जैसे खंड तालु क्लैफ्ट पैलेट आदि को भी रोकने में मदद कर सकता है।

यह है लाभाकारी

डाॅ . नरेन्द्र मल्होत्रा का कहना है कि फॉलिक एसिडमहिलाओं और युवतियों के लिए अच्छा हैए क्योंकि यह विटामिन बी12 के साथ मिलकर स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने का काम करता है। फॉलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा न लेने से आपको एक प्रकार का एनीमिया हो सकता है। हालांकि दूसरे प्रकार का एनीमिया जो आयरन की कमी से होता है ज़्यादा आम है।

इन खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक फोलिक एसिड पाया जाता है
फॉलिक एसिड अनुपूरक के साथ साथ फोलेट से भरपूर भोजन खाना अच्छा विकल्प है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा की आपको फॉलिक एसिड की निर्धारित मात्रा मिल रही है। इन खाद्य पदार्थों में अन्य तरह के पोषक तत्व भी शामिल होंगे जो आपके और आपके शिशु के लिए जरुरी हैं । संतरा, उबला अंडाए मध्यम पका हुआ पपीता, छोले, पका हुआ पालक, पके हुए चावल, टमाटर का रस, राजमा, गेहूं के बीज, गोभी, आलू छिलका समेत।

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