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केन्द्र ने माना कश्मीर में बेकाबू हैं हालात, गृह मंत्री करेंगे कठोर फैसला

2017-04-20 21:35:16


केन्द्र ने माना कश्मीर में बेकाबू हैं हालात, गृह मंत्री करेंगे कठोर फैसला
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने गुरुवार को स्वीकार किया कि कश्मीर में परिस्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि केंद्र सरकार इसमें सुधार के लिए सारी कोशिशें कर रही है। अहीर ने कहा कि हम यह स्वीकार करते हैं कि कश्मीर में परिस्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं, लेकिन हम अपना काम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं। अहीर ने कहा कि हम इसे लेकर गंभीर हैं। गृह मंत्री जल्द ही इस मामले पर एक बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस पर चर्चा की है। कश्मीर में आज जो परिस्थितियां हैं, वैसी हमेशा नहीं रहेंगी। इसमें सुधार आएगा।
समस्या पर जल्द काबू पाने की जताई उम्मीद
उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनता ने हमें इसी काम के लिए चुना है, इसलिए यह हमारा काम है। हमें पूरी उम्मीद है कि हम मौजूदा समस्याओं से बाहर आ जाएंगे। यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले ही कश्मीर के हालात पर चर्चा करने के लिए राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू और सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक की।
महबूबा ने की कश्मीर में शांति बहाली की अपील
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील करते हुए कहा है कि कश्मीर पहले से ही मानव, शैक्षणिक और आर्थिक हानि का गवाह रहा है। महबूबा ने एचएमएचएस अस्पताल में बी. कॉम की एक छात्रा इकरा की हालत का जायजा लेने के बाद कहा कि शांति की स्थापना से ही अकादमिक, आर्थिक और पर्यटन गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकती हैं। नवा कदाल महिला कॉलेज की छात्रा इकरा कथित रूप से सोमवार को प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ की ओर से पत्थर फेंके जाने से घायल हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि पत्थर वहां मौजूद भीड़ में से किसी ने चलाया था। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को इकरा के इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा उपचार दिए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उसे इलाज के लिए राज्य के बाहर भी भेजा जा सकता है। उन्होंने इकरा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए घोषणा की कि सरकार उसकी शैक्षणिक और भविष्य में नौकरी संबंधी सारी जिम्मेदारियों को उठाएगी।
कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर लगी पाबंदी जारी
कश्मीर घाटी में भारत संचार निगम लिमिटेड समेत सभी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के इंटरनेट सेवा पर पिछले छह दिनों से लगी पाबंदी गुरुवार को भी जारी रखी। आधिकारियों ने पिछले शनिवार को छात्रों की ओर से पुलवामा में प्रदर्शन और हिंसा के बाद सुरक्षा बलों एवं पुलिस की कार्रवाई में कई छात्राओं समेत 60 छात्रों के घायल होने की घटना के तत्काल बाद ही इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी थी। अधिकारियों ने किसी भी तरह की अफवाहों से बचने के लिए बीएसएनएल समेत सभी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्देश दिया था, हालांकि इंटरनेट सेवा बंद रहने की वजह से छात्रों और मीडियाकर्मियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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