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अभी उदास है बुंदेलखंड, जल्दी ही खिलखिलाएगा

2017-03-20 13:30:49


अभी उदास है बुंदेलखंड, जल्दी ही खिलखिलाएगा


कानपुर . मानसून की बेवफाई से बुंदेलखंड में खेत-खलिहान मुरझाए दिखते हैं। प्यास से व्याकुल खेतों में झुर्रियों की मानिंद दरारें किसानों को आत्महत्या करने के लिए उकसाती हैं। इसी बुंदेलखंड में भाजपा की राजनीति भी बंजर थी, जीत का सूखा पड़ा था। मोदी मैजिक से ऐसा कमाल हुआ कि बुंदेलखंड भी भगवा राजनीति लहराने लगी। इलाके की सभी 19 सीटों पर कमल ही खिल गया। ऐसे में तमाम उम्मीदे थीं, जोकि गुजरे रविवार को मुरझाती दिखीं। योगी सरकार में बुंदेलखंड से सिर्फ दो चेहरों को शामिल किया गया। एक विधायक और एक कद्दावर नेता, जिन्होंने चुनाव ही नहीं लड़ा था। यह उदासी चंद दिन की है, जल्द ही राजनीति के आंगन में बुंदेलखंड चहकता दिखेगा।


बुंदेलखंड विकास प्रााधिकरण बनाएंगे योगी


बुंदेलखंड की बदहाली दूर करने के लिए तय किया गया था कि बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण बनाएंगे। केंद्र सरकार के सुझाव पर अमल करते हुए मध्यप्रदेश ने अपने हिस्से के बुंदेलखंड के लिए विकास प्राधिकरण का गठन तो वर्ष 2007 में कर लिया, लेकिन यूपी की अखिलेश सरकार ने सिर्फ कैबिनेट में मसौदा पारित कराने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब योगी सरकार ने तय किया है कि जल्द ही बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा के मुताबिक बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण और केंद्र सरकार के बुंदेलखंड स्पेशल पैकेज को मर्ज करने के साथ ही समूचे बुंदेलखंड के समग्र विकास के लिए योजना बनाई जाएगी।


बुंदेलखंड के नेता संभालेंगे प्राधिकरण


सूत्रों के मुताबिक योगी ने बुंदेलखंड के सभी विधायकों एवं वहां से नाता रखने वाले अन्य नेताओं से इलाकाई समस्याओं और संभावित समाधान के बारे में विस्तृत रिपोर्ट एक पखवारे में मांगी है। सभी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बुंदेलखंड की समस्याओं पर फोकस करती रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार से चर्चा होगी। कोशिश होगी एक और राहत पैकेज हासिल करने की। बहरहाल, योगी ने तय किया है कि बुंदेलखंड के विकास की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को सौंपी जाएगी, कारण यहकि उन्हें समस्याओं के बारे में ज्यादा बेहतर जानकारी है। इसके अतिरिक्त जनता के लिए जवाबदेही स्थानीय विधायकों की अधिक है।


चौधरी और रविकांत की उम्मीद ज्यादा


बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में यूं तो क्षेत्र के सभी 19 विधायकों की भागीदारी होगी, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए चित्रकूट की मानिकपुर सीट से जीते आर.के.सिंह पटेल और झांसी सदर से चुने गए रविकांत शर्मा के नाम सबसे आगे हैं। प्राधिकरण में राठ की विधायक मनीषा अनुरागी तथा बांदा के विधायक प्रकाश द्विवेदी को भी अहम जिम्मेदारी मिलना तय है।
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