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अब चलती टे्रन में ब्याह कराएगा पर्यटन विभाग

2017-03-20 22:30:30


अब चलती टे्रन में ब्याह कराएगा पर्यटन विभाग
बेंगलूरु।चलती ट्रेन में विवाह करने की तमन्ना है तो पर्यटन विभाग का उपक्रम कर्नाटक राज्य पर्यटन विकास निगम (केएसटीडीसी) आपकी चाहत को हकीकत में बदलने जा रहा है। ट्रेन या फिर मनपसंद स्थान पर ब्याह रचा कर राजस्व बढ़ाने को पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है। अपने बहुद्देश्यीय शाही ट्रेन स्वर्ण रथÓ परियोजना को घाटे का सौदा साबित होते देख केएसटीडीसी ने शादी से लेकर हनीमून तक की व्यवस्था करने की तरकीब सोची है। केएसटीडीसी के दावे के मुताबिक देश में ऐसी सुविधा देने वाला कर्नाटक पहला राज्य होगा। निगम के पदाधिकारियों का मानना है कि लोग देश भर के मनचाही जगह पर शादी करने के लिए उसके स्वर्ण रथ कोच की सेवाएं लेंगे।

निगम की योजना के अनुसार लोग चाहें तो स्वर्ण रथ में ही चलते-चलते शादी कर सकते हैं अथवा इसके जरिए मनचाहे स्थान पर पहुंचकर दांपत्य बंधन में बंध सकते हैं। निगम रेलवे स्टेशन से विवाह स्थल तक पहुंचाने का भी पूरा प्रबंध करेगा। इतना ही नहीं शादी पूर्व की रस्म मसलन, मेहंदी, गीत-संगीत और भोज की व्यवस्था भी निगम खुद संभालेगा। शादी में शामिल होने वाले अतिथियों और परिजनों के लिए स्वर्ण रथ कोच से बाहर आने-जाने के लिए वातानुकूलित बसों और दूल्हा-दुल्हन के लिए शाही कार उपलब्ध होगी। नव दंपती की खातिर हनीमून पैकेज भी अलग से तैयार होगा।

रेलवे के साथ बातचीत जारी

पर्यटन मंत्री प्रियांक खरगे ने इस संदर्भ में कहा कि इस परियोजना के खर्च और विवरण को लेकर काम किया जा रहा है। यदि कोई विवाह स्वर्ण रथ कोच में ही संपन्न कराना चाहेगा तो कुल अतिथियों की संख्या 86 से अधिक नहीं हो सकती। यदि स्वर्ण रथ के बाहर विवाह कार्य संपन्न होंगे तो फिर अतिथि संख्या में कोई पाबंदी नहीं होगी। एक विवाह पैकेज संभवत: 10 से 15 लाख रुपए का होगा। केएसटीडीसी रेल विभाग से स्वर्ण रथ द्वारा ट्रैक का प्रयोग करने के शुल्क को लेकर चर्चा कर रहा है। सब कुछ सही रहा तो एक महीने के अंदर ही यह कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है।
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