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शंख बजाने से कम होता है हार्ट अटैक का खतरा, जानिए इसकी विधि

2017-03-20 20:42:08


शंख बजाने से कम होता है हार्ट अटैक का खतरा, जानिए इसकी विधि
जबलपुर। शंख ध्वनि सुनते ही मन में ईश भक्ति की भावना का संचार होने लगता है। सनातन संस्कृति में धार्मिक क्रियाकलापों में शंख की बहुत अधिक उपयोगिता बताई गई है। पूजा-पाठ, कर्म-कांडों में शंख बजाना अनिवार्य है। ग्रंथों में शंख के ज्योतिषिय महत्व का भी विस्तार से वर्णन किया गया है। अहम बात यह है कि शंख ध्वनि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत उपयोगी मानी गई है। नियमित रूप से शंख बजाने से कई बीमारियों से बचाव हो सकता है।
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ऊर्जां व शक्ति का होता है संचार
खगोलविद डा. अच्युतानंद अभ्यंकर बताते हैं कि शंख की आकृति पृथ्वी की संरचना समान है। शंख बजाने से खगोलीय ऊर्जां का उत्सर्जंन होता है जिससे शरीर में जीवाणु खत्म होते हैं और ऊर्जां व शक्ति का संचार होता है। अभ्यंकर के अनुसार नासा के एक अध्ययन में भी शंख के इस गुण का वर्णन किया गया है। शंख कैल्शियम से भरपूर है इसलिए इसमें रात भर पानी रखकर सुबह पीने से शरीर के लिए आवश्यक कैल्शियम की पूर्ति होती है। इधर योगाचार्य अवनीश शर्मा भी शंख की विशेषता बताते हैं। वे बताते हैं कि शंख बजाने से योग की तीन क्रियाएं कुम्भक, रेचक, प्राणायाम एक साथ होती हैं। शंख बजाने से फेफड़े पुुष्ट होते हैं और इससे हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि में लाभ होता है। शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय होता है। शंख में पानी रख कर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है, उसकी मानसिक उत्तेजना कम होती है।
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लक्ष्मी आराधना के लिए है जरूरी
धार्मिक दृष्टि से तो शंख की अहमियत हर कोई जानता है। पौराणिक ग्रंथों में दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी स्वरुप कहा जाता है। इसके बिना लक्ष्मी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। शंख से स्फटिक के श्रीयन्त्र का अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। शंख में दूध भर कर रुद्राभिषेक करने से समस्त पापों का नाश होता है। घर में शंख बजाने से नकारात्मक ऊर्जा का व अतृप्त आत्माओ का वास नहीं होता। दक्षिणावती शंख से पितरों का तर्पण करने से पितरो की शांति होती है।
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नवग्रह होते हैं प्रसन्न
शंख का ज्योतिष में भी बड़ा महत्व है। सोमवार को शंख में दूध भर कर शिवजी को अर्पित करने से चन्द्रमा प्रसन्न होते हैं। मंगलवार को शंख बजा कर सुन्दर काण्ड पढऩे से मंगल का कुप्रभाव कम होता है। बुधवार को शालिग्रामजी को शंख में जल व तुलसी डाल कर अभिषेक करने से बुध ग्रह ठीक होता है। शंख को केसर से तिलक कर पूजा करने से भगवन विष्णु व गुरु प्रसन्न होते हैं। सफेद कपड़े में शंख रखने से शुक्र ग्रह बलवान होता है। शंख में जल ड़ाल कर सूर्यदेव को अघ्र्य देने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।
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