> >If you have freedom then it will keep saying anything?

आपके पास आजादी है तो इसका मतलब कुछ भी बोलते रहेंगे?

2017-04-21 01:11:58


आपके पास आजादी है तो इसका मतलब कुछ भी बोलते रहेंगे?
नई दिल्ली. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने गुरुवार को आर्ट ऑफ लिविंग के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को कड़ी फटकार लगाई। नाराज एनजीटी ने कहा कि आपने यहां याचिका डाली हुई है और आप सोचते हैं कि आपके पास आजादी है कि जो चाहें आप बोलते रहें।
क्या आपको अपनी जिम्मेदारी का अंदाजा है? आपके ये बयान हमारे लिए चौंकाने वाले हैं। कोर्ट अब इस मामले में सुनवाई 9 मई को करेगा। एनजीटी रविशंकर के बुधवार को दिए उस बयान पर नाराज था जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पिछले साल दिल्ली में यमुना तट पर उनकी संस्था की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार व अदालत की है, जिन्होंने इसकी इजाजत दी। उन्होंनेे एनजीटी पर नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एक ऐतिहासिक कार्यक्रम को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है।

झूठ से पर्दा हटाया ... रविशंकर ने कहा, जो लोग कहते हैं कि आर्ट ऑफ लिविंग गैर जिम्मेदार है, उन्हें मजाक किया है। हमने यमुना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। जब झूठ से पर्दा हटता है तो वह चौंकानेवाला ही होता है।

एनजीटी-सरकार पर लगे जुर्माना
एक पोस्ट में 60 वर्षीय रविशंकर ने कहा था कि अगर, कुछ भी, कैसा भी जुर्माना लगाया जाना है तो यह केंद्र और राज्य सरकारों तथा खुद एनजीटी पर लगाया जाना चाहिए, इजाजत देने के लिए। अगर यमुना इतनी ही निर्मल और पवित्र थी तो उन्हें वल्र्ड कल्चर फेस्टिवल को रोकना चाहिए था।

नुकसान पर खर्च होंगे 13 करोड़
एनजीटी एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि आर्ट ऑफ लिविंग के सांस्कृतिक कार्यक्रम से यमुना के डूब क्षेत्र को पहुंचे नुकसान की भरपाई में 13.29 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें लगभग 10 साल लग जाएंगे।

भाजपा बचाव में आई
एनजीटी की टिप्पणी के बाद भाजपा श्री श्री रविशंकर के बचाव में कूद पड़ी है। भाजपा नेता महेश गिरी ने ट्वीट कर एनजीटी के इस बयान पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के बारे में एनजीटी की यह बयान हैरान करने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री श्री के सानिध्य में आर्ट ऑफ लिविंग ने कई नदियों को पुनर्जीवित किया है। दुनिया भर में अपने सेवा भाव के लिए पहचाने जाने वाली इस संस्था के खिलाफ कोर्ट का यह बयान पक्षपातपूर्ण है।
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !

LIVE CRICKET SCORE

पत्रिका एंड्राइड और आई फ़ोन एप डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

X