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विलय का मार्ग तय, कौन बनेगा सीएम!

2017-04-20 01:26:14


विलय का मार्ग तय, कौन बनेगा सीएम!
चेन्नई।गत एक सप्ताह के राजनीतिक भूचाल के बाद वी. के. शशिकला खेमे के मंत्रियों ने समर्पण करना ही उचित समझा है। संभवत: ऊपरी दबावÓ की वजह से राज्य केबिनेट के सदस्यों ने वी. के. शशिकला, उनके भतीजे टीटीवी दिनकरण समेत पूरे परिवार को एआईएडीएमके से किनारे करने का निर्णय कर दिया। दिनकरण ने बुधवार को ससम्मान इस फैसले को अंगीकृत कर लिया। दिनकरण बोले कि मंगलवार रात ही वे पार्टी से किनारे हो चुके हैं।

अगर यह पार्टी हित में है तो उनको कोई परेशानी नहीं है लेकिन उपमहासचिव तब तक बने रहेंगे जब तक कि शशिकला उनसे इस्तीफा देने को नहीं कहती। उधर, बागी नेता ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने इसे उनके धर्मयुद्ध की पहली जीत माना है। अब बड़ा सवाल दोनों गुटों के विलय और सूबे का मुख्यमंत्री तय करने का है? ओपीएस ने रुख स्पष्ट कर दिया है कि विलय को लेकर कोई शर्त स्वीकार्य नहीं है यानी ओपीएस इशारा दे चुके हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। अब ऐसे में मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी और उनके बीच खटास पैदा हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि आर. के. नगर उपचुनाव के वक्त ही संकेत मिल गए थे कि शशिकला और उनके परिजनों से एआईएडीएमके नेता रुष्ट हो चुके थे। दिनकरण के चुनाव प्रचार से दूरी बनाना व शशिकला के रिश्तेदार महेंद्रन की अंत्येष्टि में पलनीस्वामी और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल नहीं होने से इस बात की पुष्टि हो गई थी कि अब इस परिवार की दाल नहीं गलने वाली है। दूसरी तरफ आयकर विभाग के अन्वेषण से भी शशिकला खेमे में बेचैनी थी।

राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार आयकर विभाग की सूची में एआईएडीएमके के मंत्रियों का नाम होने और संभावित कार्रवाई को दिमाग में रखते हुए उन्होंने पाला बदलने का निर्णय किया है। ऐसा ही संकेत पार्टी उपमहासचिव टीटीवी दिनकरण ने भी दिया कि उनके खिलाफ किए गए निर्णय की वजह भयÓ है। तेजी से बदले घटनाक्रम में शशिकला खेमे के नेताओं ने ओपीएस के आगे समर्पण किया। पार्टी हित के नाम पर दिनकरण ने उन नेताओं के आगे समर्पण कर दिया जो एक महीने पहले उनके इर्द-गिर्द घूम रहे और चिन्नम्मा (शशिकला) जिन्दाबाद के नारे लगा रहे थे।

वहीं, दिनकरण को फेरा एक्ट के तहत चल रहे मुकदमे में मद्रास हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया को जारी रखने को कहा है।

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