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कावेरी तट के जलाशयों से लेंगे पानी: सीएम

2017-04-20 00:52:51


कावेरी तट के जलाशयों से लेंगे पानी: सीएम
बेंगलूरु।मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि बेंगलूरु के लोगों की प्यास बुझाने के लिए कावेरी तट के जलाशयों में अतिरिक्त पानी लाया जाएगा। इन जलाशयों के लिए 10 टीएमसी पानी लेने पर विचार किया जा रहा है।

बुधवार को केआरपुरम् विधानसभा क्षेत्र के होरामावु वार्ड के अगरा क्षेत्र में बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) में शामिल 110 गांवों को कावेरी जल आपूर्ति परियोजना का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की गल्तियों की सजा उनकी सरकार को भुगतनी पड़ रही है। एचडी कुमारस्वामी ने जोश में आकर बीबीएमपी गठित कर दी थी। बीबीएमपी के अंतर्गत सात नगर पालिका, एक टाउन पंचायत के अलावा 110 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों को जलापूर्ति करना सबसे मुश्किल था।

पहले इन गांवों को नलकूपों के जरिए जालापूर्ति होती थी। ऋण मिलने में हुई देरी के कारण जल परियोजना आरंभ नहीं हो सकी। बेंगलूरु जल बोर्ड को अगले वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह में जलापूर्ति का निर्देश दिया है। बेंगलूरु की जनसंख्या के आधार पर जलापूर्ति की जरूरत है।

इसलिए सरकार ने केंद्र से कावेरी तट के जलाशयों से अतिरिक्त पानी के इस्तेमाल की मंजूरी देने की गुहार लगाई है। मेकेदाटू परियोजना का निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होगा। इस परियोजना के लिए भी केंद्र से मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है। अगर अनुमति नहीं मिली तो सरकार अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर पानी प्राप्त करेगी। इस परियोजना पर 1,886 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि बेंगलूरु में पहली बार चार दिन में एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है। कुछ क्षेत्रों में सप्ताह में दो बार या एक बार जलापूर्ति हो रही है। मौसम विभाग ने अच्छे मानसून के संकेत दिए हैं।

सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली से नाखुश मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को सरकार सभी सुविधा मुहैया करा रही है। बावजूद इसके वे जनता की समस्या हल करने में रुचि क्यों नहीं दिखा रहे, यह बात समझ से परे है। अधिकारियों को चाहिए कि वे हर माह जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्या का समाधान करें। संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर प्रत्येक वार्ड का दौरा करेंगे तभी तो उन्हें जनता की समस्याओं का पता चलेगा।

बेंगलूरु विकास मंत्री केजे जार्ज ने कहा कि सरकार ने बेंगलूरु के विकास और मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 7,300 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है। इस अनुदान का सही इस्तेमाल कर निर्धारित समय पर लंबित परियोजनाओं का काम पूरा किया जाएगा। बेंगलूरु में फ्लाई ओवर, अंडरपास, स्काई वाक, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जल सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाने, कचरा निस्तारण का काम जारी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा काम में ढिलाई के कारण पार्षदों को जनता के सामने शर्मसार होना पड़ता है। हर समस्या के लिए पहले लोग वार्ड पार्षद के पास ही पहुंचते हैं। जब-जब पार्षद जनता की समस्या सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारी के फोन पर संपर्क करना चाहते हैं तब-तब मोबाइल स्विच ऑफ मिलता है।

जार्ज ने बताया कि राजस्व विभाग से 3,100 करोड़ रुपए के संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था। संपत्ति कर के रूप में 2,400 करोड़, कर संग्रहण के रूप में 552 करोड़़ रुपए और सुधार शुल्क के रूप में 247.77 करोड़ रुपए संग्रहितकरने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक इसमें पूर्ण सफलता नहीं मिली। अधिकारियों को कर संग्रहण के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री कृष्णबैरे गौड़ा, राज्यसभा सदस्य केसी राममूर्ति, विधायक अरविंद लिंबावली, एसटी सोमशेखर, एसआर विश्वनाथ, महापौर जी.पद्मावती, बेंगलूरु जल बोर्ड के कई अधिकारी व कई पार्षद उपस्थित थे।
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